मंसूराबाद। शृंग्वेरपुर धाम में राष्ट्रीय रामायण मेला आयोजन समिति ने गंगा आरती का आयोजन किया। मौके पर संत स्वामी विज्ञानानंद महराज ने कहा कि त्रेता युग में श्री राम ने वनवास के दौरान निषादराज को गले लगाकर समरसता की नींव डाली थी। जहां मां गंगा ने मुखवती होकर संवाद किया था। शृंगी ऋषि की ऐसी तपोभूमि में मां गंगा की पूजा करना ईश्वर की महती कृपा है।
उन्होंने स्थानीय लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान का क्षेत्र में प्रभाव चिंतनीय और संवेदनहीन है।
इस अवसर पर रामायण मेला समिति के महामंत्री उमेश चंद्र द्विवेदी, सहकारी संघ कौड़िहार के अध्यक्ष कृष्ण चंद्र पाण्डेय, महंत बाबा राघव दास महाराज, बलराम सिंह एडवोकेट, सियाराम सरोज समेत अन्य लो ग मौजूद रहे। अयोध्या से शुरू हुई श्री राम वन गमन पथ यात्रा शृंग्वेरपुर में शनिवार को रात्रि प्रवास के बाद रविवार भोर में गंगा स्नान और गंगा आरती के उपरांत चरवा कौशांबी के लिए प्रस्थान की। यात्रा में करीब 125 भक्तगण शामिल रहे।