मुस्लिम पक्ष की दलील
मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता तस्नीम अहमदी, तनवरी अहमद, नसीरउज्जमा ने दलील दी कि वादी ने अपने शूट और हलफनामा में स्वयं शाही ईदगाह मस्जिद लिखा है। 1920 के एएसआई की अधिसूचना में भी शाही ईदगाह मस्जिद अंकित है। साथ ही यह वक्फ संपत्ति है। विवादित ढांचा घोषित करने के लिए अलग से नया वाद दायर करना चाहिए। ऐसे में यह प्रार्थना पत्र पोषणीय नहीं है। इसे रद्द किया जाना चाहिए।
रुक्मिणी पहुंचीं कोर्ट, राधारानी की अर्जी खारिज
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में राधारानी को पक्षकार बनाने को लेकर दाखिल प्रार्थना पत्र को कोर्ट ने खारिज कर दिया। वहीं, शूट नंबर सात में कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर की याचिका में वादमित्र नीतू सिंह चौहान हरसरु ने श्रीकृष्ण की पत्नी महारानी रुक्मिणी को पक्षकार बनाने के लिए आवेदन दाखिल किया है। उनका कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण की धर्मपत्नी अपने पति की विरासत को बचाने के लिए इस कानूनी प्रक्रिया की हकदार हैं। ऐसे में उन्हें पक्षकार बनाया जाना चाहिए।