दरअसल अफगानिस्तान से बड़ी मात्रा में ड्राईफ्रूट्स भारत में आता है। वहां तालिबान की वजह से कई दिनों से ड्राईफ्रूट यहां नहीं आ पा रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से पिस्ता, बादाम, अखरोट आदि शामिल है। इस वजह से प्रयागराज में लगातार ड्राईफ्रूट के दाम बढ़ रहे हैं। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि अगर यही हालात रहे तो आने वाले त्यौहारी सीजन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उधर जन्माष्टमी और उसके बाद आने वाले तमाम त्योहारों पर बाजार में सूखे मेवे की किल्लत होने लगी है। जुलाई माह में बाजार में जहां बादाम 600 रुपये से 700 रुपये किलो में मिल रहा था, अचानक उसका दाम बढ़कर 900 से 1050 रुपये किलो हो गया है।
इसी तरह अखरोट का भी दाम 650-700 से बढ़कर 1000 रुपये किलो या उससे अधिक हो गया है। मेवे के कारोबारी विकास केसरवानी ने बताया कि अफगानिस्तान से आयात प्रभावित होने के बाद ड्राईफ्रूट के रेट बढ़ गए है। जिसका असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। जन्माष्टमी पर ड्राईफ्रूट्स का अच्छा खासा कारोबार होता था लेकिन इस बार ग्राहक रेट सुनकर तमाम ग्राहक तो वापस ही लौट गए। कुछ ऐसे भी ग्राहक थे जो 500 ग्राम से एक किलो तक बादाम खरीदते थे, वह अब पाव भर तक ही बादाम खरीद रहे हैं। मेवा विक्रेता राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि ड्राईफ्रूट के रेट बढ़ने से लोगों की जेब पर भी असर पड़ा है। हाल ही में जन्माष्टमी का त्यौहार आने वाला है और फिर दिवाली भी है। इस वजह से त्यौहारी सीजन में लोगों के समक्ष परेशानी आ सकती है। गृहणी संध्या श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का प्रसाद को बनाया जाएगा लेकिन उसमें मेवे का प्रयोग कम किया जाएगा।