दिन के 11:45 बजे भोग आरती होगी। इस दौरान सिर्फ 15 मिनट के लिए गर्भगृह में दर्शन रोका जाएगा। इसके बाद दोपहर 12 से रात 12 बजे तक श्रद्धालु बाबा का जलाभिषेक कर सकेंगे। रात 10 बजे आरती होगी। महंत श्रीधरानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि प्रथम सोमवार को मनकामेश्वर महादेव का रजत शृंगार होगा। इसमें चांदी के मुखौटे, नाग के अलावा मोगरा, गुलाब, रजनीगंधा, बेला के फूलों से बाबा की झांकी सजाई जाएगी।
इससे पहले मंदिर को भव्य सजा दिया गया है। उधर, अरैल स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में भी भक्तों की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग कराई गई। पुजारी सोनू पुरी ने बताया कि सोमवार की रात 10 बजे सोमेश्वर महादेव की शृंगार झांकी सजाई जाएगी। भोर में पांच बजे से ही दर्शन-पूजन आरंभ हो जाएगा।
बालसन चौराहा स्थित भरद्वाजेश्वर महादेव मंदिर में भी सावन के जलाभिषेक की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। वहां भी सुबह छह बजे से जलाभिषेक आरंभ होगा। सावन सोमवार के मद्देनदर तक्षक तीर्थ और दारागंज स्थित नागवासुकि में भी जलाभिषेक और दर्शन-पूजन की तैयारियां पूरी कर ली गईं। इन मंदिरों में भी भोर से ही भक्तों की भीड़ लग जाएगी।
अफसरों ने सावन के सोमवार की तैयारियों का लिया जायजा
रविवार को एडीएम सिटी मदन कुमार और एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने शिव मंदिरों में सावन सोमवार की तैयारियों का जायजा लिया। अफसरों ने मनकामेश्वर मंदिर में तैयारियां देखीं। इस दौरान श्रद्धालुओं को सहज दर्शन में किसी तरह की असुविधा न होने देने के लिए सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए गए।
पहले सोमवार पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सावन के पहले सोमवार पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मनकामेश्वर मंदिर के अलावा सोमेश्वर, नागवासुकि समेत अन्य शिव मंदिरों में पुलिस के साथ ही पीएसी के जवान भक्तों की सुविधा के लिए तैनात कर दिए गए हैं।