इलाहाबाद। सुन्नी मरकजी रुयते हिलाल कमेटी कदीम के शहर काजी मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी के मुताबिक जिलहिज्जा की 29 तारीख यानी रविवार को ही मुहर्रम का चांद नजर आया। ऐसे में मुहर्रम की पहली तारीख तीन अक्तूबर को होगी जबकि दसवीं मुहर्रम 12 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इसी तरह मजलिस रुयते हिलाल कमेटी के सचिव डॉ.अहमद मकीन ने भी मुहर्रम का चांद नजर आने का एलान किया। इसी के साथ ही गमे हुसैन में जलसे, जुलूसों और मजलिसों का सिलसिला भी शुरू हुआ।
हालांकि अबकी फिर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में ताजिए नहीं उठाए जाएंगे। इस बारे में बड़ा ताजिया सहित इलाहाबाद ऐतिहासिक मुहर्रम कमेटी की ओर से पहले ही एलान किया जा चुका है। रवायत के मुताबिक चांद रात को ही दोंदीपुर इमामबाड़े से कल्लन हज्जाम का अलम का जुलूस निकाला जाता है लेकिन प्रबंधक सिराज अहमद तथा रियाज अहमद के मुताबिक अबकी जुलूस नहीं निकाला गया। दरुद, फातिहा में मजहरुक हक, हफीज, वजीर खां, इम्तियाज खां आदि शामिल हुए।
इमामबाड़ों के पास हो साफ-सफाई
सभी ताजियादारों ने मुल्क और शहर के अमन-चैन को कायम रखने के लिए अपने अलम, मेहंदी, ताजिया न उठाने का फैसला किया है। अपने-अपने इमामबाड़े में ताजिया रखकर कुल फातिहा की जाएगी। मुहर्रम की दसवीं को करबला में अकीदत के फूल दफनाए जाएंगे। कमेटी अध्यक्ष असरार अहमद नियाजी ने नगर आयुक्त से सभी इमामबाड़ों के पास नियमित साफ-सफाई कराने की मांग की है।