इलाहाबाद। साल भर पहले फिरौती के लिए अपने ही साथी शिवांग की हत्या कर देने के मामले में अभियुक्त अंबुज तिवारी के न्यायिक अभिरक्षा से फरार हो जाने के मामले में कोर्ट ने नैनी जेल अधीक्षक को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एके गुप्ता ने जेल अधीक्षक से पूछा है कि उन सिपाहियों के खिलाफ उन्होंने क्या कार्रवाई की जिनकी अभिरक्षा से कैदी फरार हुआ। कोर्ट ने फरार अंबुज तिवारी को गैरजमानती वारंट और उसके जमानतदारों को भी नोटिस जारी किया है। जेल अधीक्षक को छह जून को अपना स्पष्टीकरण देने के लिए उपस्थित होना है।
उल्लेखनीय है कि तिलक नगर अल्लापुर निवासी शिवांग प्रताप सिंह की 30 मार्च 2014 को अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। बाद में उसकी लाश सोहागी पहाड़ी से बरामद की गई। इस मामले में रमेश तिवारी, अंबुज तिवारी, राजेश हेला समेत चार लोगों के खिलाफ अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। अंबुज तिवारी को न्यायिक अभिरक्षा में इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल ले जाया गया था जहां से वह फरार हो गया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने पक्ष रखा।