लॉकडाउन के कारण गुजरात एवं पंजाब में फंसे सैकड़ों मजदूर बुधवार को प्रयागराज पहुंचे। अधिकांश कोरोना के कारण सहमे जरूर थे, लेकिन घर पहुंचने की खुशी उनकी आंखों में चमक रही थी। प्रवासी श्रमिकों ने मुख्यमंत्री योगी का भी आभार जताया। कहा, अगर अभी घर आने का मौका न मिलता तो भविष्य में भी वह यहां नहीं आ सकते थे, क्योंकि गुजरात एवं पंजाब में कोरोना तेजी से फैल रहा है।
जंक्शन पर आईं चार श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से 4454 श्रमिक एवं उनके परिवार के सदस्य पहुंचे। सूरत की एक फैक्ट्री में काम करने वाले सत्यम ने बताया कि काम न होने की वजह से वहां काफी दिक्कत थी। मालूम पड़ा कि योगीजी प्रयागराज के लिए ट्रेन चलवा रहे हैं तो वहां के स्थानीय प्रशासन में संपर्क कर किसी तरह से रजिस्ट्रेशन करवाया। मंगलवार पांच मई को जब तक सूरत से ट्रेन नहीं चली, तब दिल की धड़कन बढ़ी रही। ट्रेन जब प्रयागराज पहुंची तब जाकर जान में जान आई। हालांकि, अभी बस से जौनपुर जाना है। उम्मीद है कि शाम तक पहुंच जाएंगे। इसी तरह दिन में वीरमगाम गुजरात से आई ट्रेन से शिव प्रसाद परिजनों के साथ यहां पहुंचे। बताया, वह भी सूरत एक टेक्सटाइल्स फैक्ट्री में काम करते हैं। पिछले माह भर से वह प्रयागराज आने का प्रयास कर रहे थे। एक बार मन किया की पैदल ही चला जाए, लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों की वजह से यह मुनासिब नहीं लगा। जौनपुर के सत्यपाल ने बताया कि जब वह सूरत से चले तो भूखे ही थे। भुसावल में खिचड़ी खाकर राहत मिली। यहां पहुंचने के बाद मालूम पड़ा कि परिवहन निगम की बस उन्हें नि:शुल्क गृहजनपद पहुंचाएंगी।