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प्रयागराज : क्रेक बेयरिंग बदलने के लिए चार घंटे बंद किया गया शास्त्री सेतु, एक लेन पर यातायात से हुई दिक्कत

Sun, 05 May 2024 02:28 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

करीब 70 हजार से अधिक वाहनों के रोजाना आवागमन वाले इस सेतु की बेयरिंग में खराबी आने की जानकारी के बाद अनुरक्षण का जिम्मा संभालने वाले पीडब्ल्यूडी के तृतीय खंड ने इसकी मरम्मत कराने की दिशा में पहल शुरू कर दी।
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शास्त्री पुल की खराब बेयरिंग को ठीक करते इंजीनियर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गंगा नदी के ऊपर बने शास्त्री पुल के उत्तरी लेन के पिलरों में आ रही खराबी दूर होने का का नाम ही नहीं ले रही है। तकरीबन डेढ़ माह बाद एक बार फिर उत्तरी लेन के पिलरों में खराबी आ गई। रविवार को तकरीबन चार घंटे उत्तरी लेन पर यातायात बंद कर पिलर नंबर 10 की मरम्मत की गई। इस दौरान पता चला कि पिलर नंबर 10 का रोलर अपनी जगह से खिसक गया है। इसके साथ ही फाउंडेशन भी टूट गया था। दक्षिणी लेन के पिलर नंबर दो में भी आई खराबी को दूर करने के लिए मरम्मत कार्य किया गया।

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मरम्मत कार्य में लोक निर्माण विभाग के आधा दर्जन कर्मचारियों को लगाया गया था। इसके साथ ही पिलर नंबर 22 और 42 की मरम्मत सोमवार को होगी। इस दौरान यातायात एक बार फिर बंद होने की संभावना जताई गई है। पुल के पिलरों की मरम्मत कार्य के कारण दोनों ओर के वाहनों को एक लेन से गुजारा गया। इसके चलते सुबह से शाम चार बजे तक जाम जैसे हालात बने रहे। भीषण गर्मी में जाम के झाम को समाप्त करने में इलाकाई पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के पसीने छूट गए थे।

सत्तर हजार से अधिक वाहनों का रोजाना होता है आवागमन

तकरीबन 70 हजार से अधिक वाहनों के रोजाना आवागमन वाले शास्त्री पुल के पिलरों में पिछले कुछ महीनों में जल्दी-जल्दी खराबी आ रही है। शास्त्री सेतु से गुजरने वाली ऐतिहासिक ग्रैंड ट्रंक रोड पड़ोसी राज्य बिहार और पश्चिम बंगाल को भी संगम के शहर से जोड़ती है। लेकिन, समुचित रखरखाव के अभाव में शास्त्री पुल के उत्तरी लेन के कई पिलर और ज्वाइंट एक्सपेंशन में पहले भी खराबी आ चुकी है। बेयरिंग खिसकने के साथ रोलर भी गंगा नदी में गिर चुका है। इसकी वजह से बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है।

तकरीबन दो साल पहले ही शास्त्री पुल के उत्तरी लेन की मरम्मत के साथ ही सड़क भी बनवाई गई थी। लेकिन उसके बाद रिमॉडलिंग की योजना तो बनी, लेकिन काम नहीं हो सका। इसकी मरम्मत कार्य का जिम्मा पीडब्ल्यूडी के तृतीय खंड के अफसर और कर्मचारियों के ऊपर है। डीएम के आदेश के बाद रविवार को शास्त्री पुल के प्रयागराज से वाराणसी जाने वाली लेन के पिलरों की मरम्मत कार्य किया गया।

दिन भर चला मरम्मत का कार्य

पिलर नंबर 10 में ज्यादा खराबी पाई गई है। मरम्मत कार्य में जुटे लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि रोलर अपनी जगह से खिसक गया है। इसकी वजह से पिलर का फाउंडेशन भी टूट गया है। मरम्मत कार्य सुबह ग्यारह से तीन बजे के बाद तक चला। इसके साथ ही दक्षिणी लेन के पिलर नंबर दो पर भी मरम्मत कार्य आज चार घंटे तक चला। कर्मचारियों ने बताया कि 10 वें नंबर के पिलर के बाद सोमवार को पिलर नंबर 22 और 42 में आई खराबी को दूर किया जाएगा। इस दौरान प्रभावित लेन पर चार पहिया और भारी वाहनों का आवागमन बंद होने की संभावना है।
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शास्त्री पुल की वनवे ट्रैफिक में पांच घंटे जाम के झाम से जूझे लोग

शास्त्री पुल के उत्तरी लेन के 10 नंबर पिलर में रविवार को तकरीबन पांच घंटे मरम्मत कार्य चला। इसकी वजह से दोनों ओर के वाहनों को एक ही लेन से गुजारा गया। नतीजा चिलचिलाती धूप में लोग दिनभर जाम के झाम से जूझते रहे। दोपहर तकरीबन बारह बजे हाईवे की एक लेन में इस कदर जाम लगा कि लोग घंटों अपने चार पहिया वाहन के साथ जाम में फंसे रहे।


झूंसी में पंत संस्थान से लेकर अलोपीबाग तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। भीषण में गर्मी में भारी जाम में फंसे लोग पसीने से तरबतर हो गए। यातायात को सुचारू करने में इलाकाई पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के पसीने छूट गए थे। शाम को तकरीबन चार बजे प्रभावित लेन से वाहनों का आवागमन शुरू किया गया। तब जाकर दोनों लेन पर यातायत पूरी तरह सुचारू हो सका।
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