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शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती छह जनवरी को आएंगे प्रयागराज

Sun, 31 Jan 2021 10:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती छह फरवरी को आठ दिवसीय प्रवास पर प्रयागराज पहुंचेंगे। वह मध्य प्रदेश के परमहंसी स्थिति गंगा आश्रम से चलकर कटनी होते हुए यहां आएंगे।
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prayagraj news : शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती छह फरवरी को आठ दिवसीय प्रवास पर प्रयागराज पहुंचेंगे। वह मध्य प्रदेश के परमहंसी स्थिति गंगा आश्रम से चलकर कटनी होते हुए यहां आएंगे।
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इस दौरान वह सरस्वती घाट स्थित मनकामेश्वर मंदिर में प्रवास करेंगे। इस बीच में वह माघ मेले में त्रिवेणी मार्ग पर स्थित शंकराचार्य शिविर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। मौनी अमावस्या पर संगम स्नान के बाद वह 13 फरवरी को रीवा के लिए प्रस्थान करेंगे।
 

प्रशासन ने त्रिवेणी मार्ग पर ज्योतिष्पीठाधीश्वर के रूप में आवंटित की है जमीन

महीने भर की लंबी खींचतान के बाद आखिरकार मेला प्रशासन ने जगदगुरु स्वामी वासुदेवानंद को ज्योतिष्पीठाधीश्वर के रूप में संगम की रेती पर बसने के लिए मान्यता नहीं दी। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को भूमि आवंटित कर दी गई। इसी के साथ मेले में ज्योतिष्पीठ की भूमि को लेकर विवाद खत्म हो गया है। साथ ही द्वारिका और शृंगेरी पीठ के शंकराचार्यों को भी भूमि आवंटित कर दी गई।
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माघ मेला में ज्योतिर्मठ हिमालय के ज्योतिष्पीठाधीश्वर के रूप में स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का शिविर लगेगा। मेले में ज्योतिष्पीठ की भूमि के लिए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती दोनों ने दावा किया था। फिलहाल ज्योतिष्पीठाधीश्वर का विवाद मौजूदा समय कोर्ट में विचाराधीन है। इस संबंध में पूर्व के कोर्ट के आदेशों के अनुपालन और पिछले वर्ष के माघ मेले के आवंटन के आधार पर इस बार भी मेला प्रशासन ने ज्योतिष्पीठ को लेकर निर्णय लिया।

प्रभारी मेलाधिकारी और मेला प्रबंधक यमुना के सरस्वती घाट स्थित मनकामेेश्वर मंदिर पहुंचे। वहां द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के मेला प्रतिनिधि स्वामी श्रीधरानंद महाराज से भूमि आवंटन पर चर्चा की। इसके बाद श्रीधरानंद व मनकामेश्वर मंदिर अन्य संतों के साथ मेला अफसर त्रिवेणी मार्ग पर पहुंचे। वहां ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के नाम से 200 गुणे 200 वर्गफीट भूमि की नापी कराकर आवंटन किया गया। इसके साथ ही द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य की भूमि भी स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को आवंटित की गई।
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