prayagraj news : स्वामी निश्चलानंद सरस्वती।
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गोवर्धनमठ पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद जी महाराज ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन गुण हैं, नमन, दमन और मिलन। पुरी शंकराचार्य ने यह बातें शुक्रवार को अपने नई झूंसी स्थित शिव गंगा आश्रम में पत्रकारों से बातचीत में कहीं। अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास एवं भूमि पूजन के मौके पर उनकी अनुपस्थिति के सवाल पर पुरी शंकराचार्य ने कहा कि भूमि पूजन में मुख्य तौर पर कौन नजर आया, ये आप सभी जानते हैं। कहा कि रामजन्म भूमि पर मंदिर निर्माण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्या भूमिका रही, यह सोचने की बात है। शंकराचार्य अगले चार दिनों तक झूंसी आश्रम में प्रवास करेंगे। इस दौरान पुरी शंकराचार्य कई धर्म परिचर्चा कार्यक्रम भी करेंगे।
पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं, हम भी उनसे स्नेह करते हैं। कहा कि 45 मिनट तक वह बाल-गोपाल की तरह मेरे पास बैठे थे। पर सवाल उठता है कि राम जन्म भूमि को लेकर उनकी क्या भूमिका रही। राम मंदिर निर्माण को लेकर क्या उनका एक भी भाषण सुनने को मिलेगा। कहा कि प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के वक्त अगर रामालय ट्रस्ट पर मैने हस्ताक्षर कर दिया होता तो अब तक मंदिर के सामने मस्जिद भी बन गई होती।
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उसका एकमात्र उद्देश्य ही यह था कि मंदिर और मस्जिद दोनों का अगल-बगल या फिर आमने-सामने निर्माण हो जाए। उन्होंने मुझे इतना प्रबल क्यों समझा कि तीन शंकराचार्यों और वैष्णवाचार्यों ने रामालय ट्रस्ट पर हस्ताक्षर कर दिया लेकिन पुरी के शंकराचार्य ने हस्ताक्षर नहीं किया तो मंदिर हम बना नहीं सकते हैं। कोई तो कारण रहा होगा न जो मैने हस्ताक्षर नहीं किया। मुझसे कोई संपर्क भी स्थापित नहीं किया गया। कहा कि जब मोदी जी मेरे पास 45 मिनट बैठे थे तो मैने उन्हे परख लिया था। उनके तीन गुण हैं, नमन, दमन और मिलन।
तीनों कूटनीति से भरपूर और तीनों गुण में वह माहिर हैं। इसी गुण से वह पूरे विश्व को मोहित किए हुए हैं। मेरे शिष्य से ही शिलान्यास का पूूजन कराया गया। यह कूटनीति है कि शंकराचार्य के शिष्य से पूजन कराया। कांचीकाम कोटी और श्रृंगेरी ने प्रशस्ति पत्र लिखकर दे दिया। द्वारिका पीठ के शंकराचार्य इस पर मौन हैं। पर रामजी को क्या पसंद है, इस पर ध्यान देने की जरुरत है। राम जन्म भूमि को लेकर किसने कार सेवकों को भूनवाया, ये सभी जानते हैं। गोधराकांड के डिब्बे भी मैने देखे हैं।
उनका नाम आज कोई भी नहीं कोई लेता है। गोधराकांड न होता तो नरेंद्र मोदी न तो सीएम बनते और न ही पीएम। रामजी को जो भावे, वही अच्छा है। कहा कि काशी और मथुरा पर कोई बात नहीं कर रहा है। क्योंकि उन्हे भी पता है कि इस पर बात हुई तो उत्तर प्रदेश में ही तीन पाकिस्तान बन जाएंगे। किसान आंदोलन को लेकर किए गए सवाल पर पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद जी महाराज ने कहा कि जब तक सनातन व्यवस्था के साथ शासनतंत्र नहीं होगा।
तब तक शिक्षा, रक्षा, अर्थ और सेवा के प्रकल्प हमेशा असंतुलित रहेंगे। चारों में संतुलन की आवश्यकता है। गंगा में प्रदूषण को लेकर पुरी शंकराचार्य ने कहा कि गंगोत्री के बाद ही गंगा को समाप्त कर दिया गया है। गंगा उत्तराखंड में ही लुप्त हो गई है। इस मौके पर संतोष त्रिपाठी, ब्रिगेडियर नीरज शुक्ल, र्हिदेश शुक्ल, दुर्गा पांडेय, मनोज शुक्ल, राजीव भरद्वाज, अशोक शुक्ल, प्रशांत मिश्रा, सत्यम शुक्ल, शिव शंकर, आचार्य रमाशंकर शुक्ल आदि मौजूद रहे।