भारतीय वैदिक गणित को पाठ्यक्रम में करें शामिल
वैदिक गणित के विषय में प्रश्न पूछे जाने पर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि भारतीय वैदिक गणित को पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। गणित के बिना सृष्टि की रचना ही नहीं हो सकती। धर्म निरपेक्ष के विषय में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि धर्म निरपेक्ष केवल शब्द है जबकि हर वस्तु का अपना गुण धर्म होता है।
धर्म निरपेक्ष का कोई अर्थ नहीं होता हे। यज्ञ, दान, तप जीवन के कल्याण के लिए होता है। विकास के नाम पर पर्यावरण का दोहन नहीं होना चाहिए। इस मौके पर प्रफुल्ल चैतन्य ब्रम्हचारी, त्यागी महाराज,सुरेश सिंह, राजेश चैतन्य ब्रम्हचारी, विवेक मिश्र, डॉ.दिव्यकांत त्रिपाठी, जीतेश तिवारी, दीपक शुक्ला, आकाश सिंह आदि मौजूद रहे।