शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज।
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नई झूंसी स्थित शिवगंगा आश्रम में रविवार को गोवर्धनमठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने हिंदू राष्ट्र की अवधारणा के बारे में बताया। उन्होंने कहा भारत के सभी मनुष्य सुसंस्कृत, सुशिक्षित, संरक्षित, संपन्न, सेवा परायण कार्य करें व हिंदुओं के अस्तित्व की रक्षा और देश की सुरक्षा-अखंडता के लिए कटिबंध हों।
उन्होंने गाय और गंगा को भारत की आत्मा बताया है। कहा कि कभी गाय व गंगा देश की संस्कृति और समृद्धि की पहचान थी। लोकतंत्र में दोनों को जहां और समृद्ध होना चाहिए, वहीं राजनेताओं की इच्छा शक्ति में कमी के कारण दोनों अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही हैं। भारत में तो गाय की कई नस्लें लुप्त होने के कगार पर हैं।
शंकराचार्य ने कहा गंगा उद्गम क्षेत्र से ही अपनी मौलिक पहचान खो चुकी है। गंगा-यमुना की अविरलता और निर्मलता को लेकर कब तक छलावा होता रहेगा। करोड़ों की आस्था के साथ सरकारें खिलवाड़ करना बंद करें। उन्होंने सभी घरों से प्रतिदिन एक रुपया और एक घंटे का समय हिंदू राष्ट्र हित के लिए निकालने को कहा है।