शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ दर्ज है पॉक्सो का केस
ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के अलावा 2-3 अज्ञात लोगों पर बाल यौन शोषण के आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इलाहाबाद जिला न्यायालय की पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में केस दर्ज किया गया। यह आदेश पॉक्सो कोर्ट के पॉक्सो कोर्ट के अपर जिला जज विनोद कुमार चौरसिया के आदेश पर दर्ज किया गया है। उन्होंने अपने आदेश में पुलिस से कहा था कि वो पॉक्सो एक्ट के तहत निष्पक्ष रूप से इस मामले की जांच करें। साथ ही कोर्ट ने पीड़ितों की पहचान और सम्मान की सुरक्षा करने का भी आदेश दिया है।
माघ मेले में मौनी अमावस्या पर शुरू हुआ था विवाद
इसी साल माघ मेले में ज्योतिर्मठ उत्तराखंड के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ मौनी अमावस्या के दिन मेला प्रशासन के साथ विवाद हो गया था। पालकी पर स्नान करने के लिए जाते समय शंकराचार्य और उनके शिष्यों को प्रशासन ने भीड़ अधिक होने और भगदड़ की आशंका पर घाट से पहले ही रोक दिया। शंकाराचार्य ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने बटुकों को चोटी पकड़कर घसीटा और उनकी पिटाई की।
साथ ही साथ शंकराचार्य और उनके शिष्यों का भी अपमान किया। इसके विरोध में शंकराचार्य त्रिवेणी मार्ग पर अपने शिविर के सामने धरने पर बैठ गए जहां पर उन्हें पुलिस वाले छोड़कर गए थे। 11 दिन तक धरना चला। शंकराचार्य की मांग थी कि अधिकारी आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांग लें तो वह अपने टेक समाप्त कर देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 11 दिनों तक धरने पर बैठे रहने पर भी जब को हल नहीं निकला तब शंकराचार्य ने 28 जनवरी को माघ मेला छोड़ दिया और काशी के लिए रवाना हो गए।