इलाहाबाद। शहादत दिवस पर शुक्रवार को शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह को सशस्त्र पुलिस के जवानों ने 21 राउंड हवा में गोलियां दागकर सलामी दी। पुलिस बैंड की ओर से राष्ट्र धुन बजाई गई। इस दौरान शहीदों की क्रांतिकारी परंपरा अमर रहे..। इंकलाब जिंदाबाद... शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु अमर रहें... के गगनभेदी नारे गूंजे। आजाद पार्क में यह कार्यक्रम अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद एवं शहीद-ए-आजम भगत सिंह स्मारक समिति की ओर से आयोजित किया गया था।
आजाद पार्क में सुबह 9:30 बजे आजाद प्रतिमा के पास भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के चित्रों पर माल्यार्पण से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद सशस्त्र पुलिस के जवानों ने 21 राउंड हवा में गोलियां चलाकर अमर शहीदों को सलामी दी। राष्ट्र धुन बजती रही। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लल्लू मरकरी के चित्र पर भी पुष्प अर्पित किया गया। इस मौके पर फूलपुर के नव निर्वाचित सांसद नागेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूलने वाले अमर शहीदों के बलिदान का देश हमेशा ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि शहीद-ए-आजम की बौद्धिक क्षमता का लोहा ब्रिटिश हुकूमत के अफसर भी मानते थे।
बीएचयू के पूर्व वीसी प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने देशभक्तों के त्याग- बलिदान की गाथा दोहराई। बताया कि भगत सिंह ने फांसी का फंदा चूमने के पूर्व कहा था कि- मरकर भी दिल से ना निकलेगी वतन की उल्फत/मेरी मिट्टी से भी खुशबू-ए-वतन आएगी...। इस मौके पर डॉ. वीरेंद्र सिंह, प्रो. कृष्ण मुरारी, प्रो. श्याम बिहारी, पूर्व सांसद राम निहोर राकेश, पूर्व विधायक प्रभाकर पांडेय, प्रो. रामाज्ञा राय,पदुम नारायण जायसवाल, सरदार पृथ्वी पाल सिंह, सरदार इंदरपाल सिंह, सरदार जोगेंद्र सिंह, रश्मि शुक्ला, तनु, आस्था सक्सेना, अंजना वर्मा समेत तमाम लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। संचालन राजबहादुर राणा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. वल्लभ मिश्र ने किया। अतिथियों का स्वागत किया संस्था के अध्यक्ष राजू मरकरी ने।