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कई निशाने साधने के लिए ही चुनी कुंभनगरी 

Mon, 13 Jun 2016 01:39 AM IST
अनिल सिद्धार्थ, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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भाजपा राष्ट्रीय कार्यकार‌िणी की बैठक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिनी बैठक के लिए संगमनगरी का चुनाव अकारण ही नहीं है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर कांग्रेस के विकास और वैचारिक मंथन का केंद्र माने जाने वाले इलाहाबाद में बैठक के बहाने भाजपा एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। इलाहाबाद में भाजपा का महामंथन कांग्रेस मुक्त भारत के मिशन पर चल रही भाजपा के लिए कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार के गढ़ को भेदने के साथ ही नई इबारत लिखना और नए नायक देना है।
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कांग्रेस का प्रतीक माने जाने वाले आनंद भवन से कुछ ही दूरी पर कार्यसमिति की बैठक के बहाने भाजपा जहां कांग्रेस की जड़ों को और कमजोर करने की कोशिश में है, वहीं संगमनगरी से पूरे पूर्वांचल के वोटरों को साधना भी प्रमुख लक्ष्य है। विश्व हिन्दू परिषद के मुखिया अशोक सिंहल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भैया की कर्मस्थली सहित इलाहाबाद कुंभनगरी और बुद्धिजीवियों का शहर भी है। ऐसे में हिन्दू वोटों के ध्रुवीकरण सहित बुद्धिजीवियों, युवाओं को जोड़ने के लिए कुंभनगरी से चुनावी समर का शंखनाद अहम है।

बीते विधानसभा चुनाव में बुरी तरह मात खा चुकी भाजपा का अबकी ‘265 प्लस’ मिशन हासिल करने का लक्ष्य है। पिछड़े वर्ग के वोटरों से नाता जोड़ने के लिए ही भाजपा ने पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधि और फूलपुर के सांसद केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी। फिलहाल केशव के नेतृत्व में ही प्रदेश चुनाव की तैयारी है। ऐसे में केशव के शहर इलाहाबाद में कार्यसमिति के बैठक के बहाने केशव का कद बढ़ाने के साथ ही पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को लुभाना है।
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दुनिया भर में भारत का परचम लहराने वाले मोदी के नेतृत्व में भाजपा गजब आत्मविश्वास से लबरेज है। ऐसे में युवाओं, बुद्धिजीवियों के बीच अपनी बात कहकर मोदी और भाजपा ने प्रदेश की बौद्धिक राजधानी संगमनगरी के गौरव को मान देने की कोशिश की है। कुंभ मेले के दौरान संगम तीरे का संदेेश पूरे देश में जाता रहा है, ऐसे में भाजपा ने भी इलाहाबाद से चुनावी बिगुल के बहाने पूर्वांचल को साधने की पहल की है।

इलाहाबाद मंडल से पांच सांसदों के बहाने भाजपा की झोली भरी। मंडल के चारों जिलों को मिलाकर भाजपा के पांच सांसद हैं। इसमें फूलपुर के सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के अतिरिक्त इलाहाबाद के सांसद श्यामाचरण गुप्त, कौशाम्बी के सांसद विनोद सोनकर और फतेहपुर की सांसद साध्वी निरंजन ज्योति के अतिरिक्त भाजपा समर्थित अपना दल सांसद कुंवर हरिबंश सिंह शामिल हैं। इन वजहों से मोदी की सभा में बड़े जनाधार जुटाने के लिए संगमनगरी ही भाजपा को सबसे ज्यादा मुफीद लगी।
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