prayagraj news : माघ मेले में कटान का निरीक्षण करते अधिकारी।
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जलस्तर बढ़ने के साथ ही गंगा की धारा माघ मेला क्षेत्र में शिविरों की ओर मुड़ गई है। इससे सेक्टर चार और पांच में पानी घुस गया है। रविवार की आधी रात के बाद दंडीबाड़ा के कानपुर अन्न क्षेत्र के शिविर में पानी घुसने के बाद अफरा तफरी मच गई। यहां से सात शिविरों को हटाना पड़ा है। देर रात अफसरों ने कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड के अभियंताओं के साथ लंबी मशक्कत की। सोमवार को डीएम ने भी दौरा किया और संतों से मुलाकात प्रभावित शिविरों को दूसरी जगह शिफ्ट कराने का निर्देश दिया।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से सेक्टर चार में शास्त्री पुल के नीचे से लेकर दंडीबाड़ा के शिविरों तक का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है। स्वामी मुनीशाश्रम के अन्नक्षेत्र में लगे कल्पवासियों के सात शिविर गंगा की कटान की चपेट में आ गए। इसके बाद मेला प्रशासन की नींद उड़ गई। अफसरों ने ठिठुरती रात में ही कटान रोकने के लिए मशक्कत शुरू कर दी। इसके बाद बाड़ लगाकर कई जगह कटान रोकने के लिए धारा डायवर्ट करने का प्रयास किया जाता रहा। गंगा का प्रवाह बढ़ने से सेक्टर तीन और चार के स्नान घाट भी डूब गए हैं।
इससे वहां स्नान प्रभावित हो गया। तीर्थयात्रियों को अब दूसरे घाटों पर डुबकी लगानी पड़ रही है। इसके अलावा महावीर पांटून पुल के पास भी कटान होने से संत और भक्त परेशान रहे। शिविरों के प्रभावित होने की जानकारी मिलने पर डीएम ने प्रभारी मेला अफसर के साथ दंडाबाड़ा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष ब्रह्माश्रम के शिविर में पहुंच कर स्थिति की जानकारी ली और प्रभावित कल्पवासियों को दूसरी जगह बसाने का भरोसा दिलाया।