स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने बसपा सरकार में मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी और कुर्की का आदेश दिया है। नसीमुद्दीन के खिलाफ सड़क जाम कर यातायात बाधित करने का मुकदमा दर्ज है, जिसमें वह अदालत में हाजिर नहीं हो रहे हैं।
कई तारीखों पर वारंट जारी होने के बाद भी जब उन्होंने कोर्ट में सरेंडर नहीं किया तो स्पेशल कोर्ट जज पवन कुमार तिवारी ने शनिवार को उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया। कोर्ट ने कुर्की के लिए धारा 82-83 सीआरपीसी की प्रक्रिया शुरू करने का भी आदेश दिया है।
नसीमुद्दीन को पांच सितंबर को अदालत में हाजिर होने का कोर्ट ने निर्देश दिया है। प्रदेश सरकार की ओर से एडीजीसी राजेश गुप्ता और एसपीओ हरिओंकार सिंह ने पक्ष रखा। नसीमुद्दीन और अन्य लोगों के खिलाफ 21 जुलाई 2016 को लखनऊ के हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
आरोप है कि बसपा के चार पांच हजार कार्यकर्ता और पदाधिकारी बिना अनुमति के सड़क पर उतर आए और बीजेपी के पूर्व उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह के एक बयान का विरोध करते हुए विधानसभा मार्ग को जाम कर दिया। इससे यातायात प्रभावित हुआ। एसआई विजय कुमार पांडेय ने नसीमुद्दीन सहित पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मुकदमे की सुनवाई स्पेशल कोर्ट में चल रही है। इस मामले में रामअचल राजभर, नौशाद अली, अतर सिंह राव और मेवालाल गौतम शनिवार को स्पेशल कोर्ट में हाजिर हुए।
गायत्री प्रजापति पर दुष्कर्म के मामले में बयान दर्ज हुआ
पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मुकदमे में शनिवार को पीड़िता की ओर से उसकी पुत्री ने स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में अपना बयान दर्ज कराया। कोर्ट ने अगली तारीख पर अन्य गवाहों को पेश करने का अभियोजन और बचाव पक्ष को आदेश दिया है।
गायत्री प्रजापति बीमारी के कारण अदालत में हाजिर नहीं हो सके। अन्य अभियुक्त अशोक तिवारी, विकास वर्मा, आशीष शुक्ला, अमरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू, चंद्रपाल, रूपेश्वर को लखनऊ जेल से लाकर पेश किया गया। एक अगस्त को इस मामले में अगली सुनवाई होगी।