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यंग प्रोफेशनल को सेवा विस्तार, पीडीए पर 7-8 करोड़ का पड़ेगा भार

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प्रयागराज मेला प्राधिकरण बोर्ड ने कुंभ के दौरान नियुक्त यंग प्रोफेशनल्स तथा कई अन्य संस्थाओं को एक वर्ष का सेवा विस्तार दे दिया है। इससे प्राधिकरण पर सात से आठ करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। कुंभ के एक साल बाद इन्हें सेवा विस्तार दिए जाने पर सवाल भी उठने लगे हैं।
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विशेषज्ञों की जरूरत को देखते हुए चार कुंभ यंग प्रोफेशल्स नियुक्त किए गए हैं। लंदन की एक संस्था को सलाहकार के तौर पर भी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कार्यों की जांच के लिए थर्ड पार्टी एजेंसी भी हायर की गई है। सभी का कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो रहा था लेकिन बोर्ड की बैठक में इन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार देने का निर्णय लिया गया। इसी के साथ आगे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यंग प्रोफेशनल्स के मानदेय में भी प्रति माह 10 हजार रुपये बढ़ोतरी की संस्तुति की गई है। इस तरह से यंग प्रोफेशल्स को सेवा विस्तार देने से एक साल में करीब 25 लाख रुपये खर्च होंगे। वहीं सलाहकार एजेंसी पर करीब तीन करोड़ रुपये का खर्च होंगे। थर्ड पार्टी एजेंसी पर भी जांच के अनुसार तीन से चार करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही जा रही है। इस तरह से सेवा विस्तार से प्राधिकरण पर कुल सात से आठ करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा।
उधर, प्रोफेशल्स की नियुक्ति पर सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारियों का ही कहना है कि कुंभ के काम खत्म हो चुके हैं। माघ मेला में भी कुछ नया नहीं हुआ। फिर इनकी नियुक्ति का क्या औचित्य है। इसके विपरीत अफसरों का कहना है कि प्राधिकरण के तहत पूरे वर्ष काम होता है। जबकि, स्टाफ नहीं है। इसलिए इन्हें सेवा विस्तार दिया गया है।
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कल आएगी विधान परिषद की टीम
विधानसभा परिषद की टीम सोमवार और मंगलवार को शहर में होगी। टीम में शामिल 20 सदस्य सोमवार को शाम को यहां पहुंच जाएंगे। इसके अगले दिन नगर विकास और पंचायती राज विभाग की ओर से कराए गए निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे। सदस्य कायाकल्प योजना के तहत प्राथमिक विद्यालयों में हुए कार्यों को भी देखेगी।
सरकार गंभीर, किसान परेशान
बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान को लेकर सरकार गंभीर है। मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला प्रशासन को नुकसान का सर्वे कराने का निर्देश दिया। उन्होंने किसानों को 48 घंटे में राहत पहुुंचाने का भी निर्देश दिया। इसी क्रम में जिले के प्रभारी मंत्री डॉ.महेंद्र सिंह भी रविवार को शहर में होंगे। वह ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा करेंगे। उनका निरीक्षण का भी कार्यक्रम है। इसके विपरीत सरकार की इस कवायद का किसानों को कितना लाभ मिल पाएगा इस पर सवाल बना हुआ है। नियमानुसार 33 फीसदी नुकसान पर ही मुआवजा का प्रावधान है। फसली बीमा का लाभ भी 33 प्रतिशत पर मिलेगा। जबकि, प्रशासन के सर्वे में 15 से 20 फीसदी नुकसान ही अनुमानित है। ऐसे में किसानों को राहत की उम्मीद नहीं है।
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