याची के अधिवक्ता शशि शंकर त्रिपाठी का कहना है कि वाराणसी समेत गोरखपुर, फैजाबाद, लखनऊ की अदालतों में हुए सीरियल बम ब्लास्ट में 30 से अधिक अधिवक्ता एवं अधिकारियों की मृत्यु हो गई थी जबकि लगभग 80 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
तत्कालीन सरकार की ओर से मुकदमा वापसी के लिए गए निर्णय के खिलाफ याची ने जनहित याचिका दाखिल की। कोर्ट ने इस पर सरकार से जवाब मांगा था। चीफ जस्टिस की बेंच में इस मामले की सुनवाई पर कोर्ट ने अपर शासकीय अधिवक्ता से जरूरी जानकारी लेकर कोर्ट को अगली तिथि पर अवगत कराने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगी।