मेहंदी से लिखा था नाम, इसलिए काटे हाथ
पुलिस ने जब उससे मृतका के हाथ काटने की वजह पूछी तो उसने बताया कि घटना से कुछ दिनों पहले उसने हाथों में मेहंदी रचाई थी। इसमें उसका नाम भी लिखा था। उसे डर था कि कहीं हथेली में नाम लिखा होने से उसकी पहचान न हो जाए।
बात-बात पर करती थी जलील
सलमान ने पूछताछ में बताया कि रविया से उसके प्रेम संबंध थे लेकिन वह उससे निकाह नहीं करना चाहता था। रविया के दबाव में ही उसे निकाह करना पड़ा। वह बात-बात में उसे जलील करती थी। मोहर्रम से पहले शॉपिंग के लिए चार हजार रुपये देने पर नोट उसके मुंह पर फेंकते हुए उसे भिखारी भी कहा था। बात-बात पर ताना भी मारती थी।
आरोपी को जेल भेज दिया गया है। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर बरामद कंकाल से डीएनए सैंपल एकत्र किए हैं। इसे मृतका के परिजनों के डीएनए सैंपल से मिलान के लिए एफएसएल भेजा जाएगा। - संतोष कुमार मीना, एसपी सिटी
23 दिन बाद गुुमशुदगी, 41 दिन बाद मुकदमा
बेरहमी से कत्ल की गई रविया की बुजुर्ग मां व भाई-बहन को जितना दर्द कातिलों ने दिया, उससे कहीं ज्यादा दर्द पूरामुफ्ती पुलिस ने दिया। आरोप है कि लगातार चक्कर काटने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। थाने-चौकी जाने पर हर बार डांटकर भगा दिया गया। परिजन आईजी के पास पहुंचे तब जाकर 41 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज हुई। बहन सूफिया ने बताया कि 13 की शाम उसकी बहन को उसका पति सलमान बहलाकर अपने साथ ले गया। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। एक दिन तलाश करने के बाद बुजुर्ग मां 15 जुलाई को बम्हरौली चौकी पहुंची तो उसे डांटकर भगा दिया गया।
इसके बाद लगातार उसकी मां व भाई शिकायत करते रहे लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। चौकी से हर बार लौटा दिया गया। सात अगस्त को मुजफ्फर नगर से आकर उसने थाने में हत्या का शक जताते हुए नामजद तहरीर दी। इसके बावजूद गुमशुगदी दर्ज की गई। कई बार शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं हुई तो 22 अगस्त को परिजन आईजी के पास पहुंचे। इसके बाद 23 अगस्त की रात एफआईआर दर्ज की गई। सूफिया का कहना है कि पुलिस ने कार्रवाई में क्यों देरी की, इसकी जांच होनी चाहिए। उसका यह भी कहना है कि सात नामजद आरोपियों में से महज एक की गिरफ्तारी हुई है। उसे पूरा यकीन है कि उसकी बहन की हत्या में एक से ज्यादा लोगों का हाथ है।