हिंदी विभाग ,इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ आलोचक और वरिष्ठ कवि गुरुदेव राजेंद्र कुमार जी का आज ढाई बजे लगभग 84वर्ष की आयु में हृदयगति रुकने से निधन हो गया।
हिंदी विभाग ,इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ आलोचक और वरिष्ठ कवि गुरुदेव राजेंद्र कुमार जी का आज ढाई बजे लगभग 84वर्ष की आयु में हृदयगति रुकने से निधन हो गया। उन्होंने कमला नेहरू अस्पताल के आई सी यू में अंतिम सांस ली। उनका जन्म 24 जुलाई 1943 को कानपुर में हुआ था। वह 2001से 2003 तक हिंदी विभाग के अध्यक्ष रहे थे और 2005 में सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने कानपुर से रसायनशास्त्र में और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी में एमए किया था। उन्होंने वरिष्ठ आलोचक डॉ रघुवंश के निर्देशन में डी फिल किया था। वह लगभग एक साल से आहार नलिका के कैंसर से जूझ रहे थे।
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वह एक गंभीर और लोकप्रिय अध्यापक, साहित्यिक अभिभावक और अदम्य जिजीविषा के धनी थे। ऋण गुणा ऋण, लोहा लक्कड़, हर कोशिश है एक बगावत, उदासी का ध्रुपद उनके चर्चित काव्य संग्रह हैं और प्रतिबद्धता के बावजूद, कविता समय असमय, आलोचना आसपास, कथार्थ और यथार्थ, शब्द घड़ी में समय आदि उनकी महत्वपूर्ण आलोचना पुस्तकें हैं। उन्होंने अभिप्राय नामक एक साहित्यिक पत्रिका निकाली थी और बहुवचन पत्रिका के आठ अंकों का संपादन किया था।