उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से चल रहा प्रवक्ता पदों का साक्षात्कार भी विवादों में आ गया है। पहले अयोग्य सदस्यों से साक्षात्कार का आरोप लगने के बाद अब इंटरव्यू पैनल के गठन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चयन बोर्ड की ओर से गठित इंटव्यू पैनल के बारे में पता चला है कि पूर्व में साक्षात्कार में शामिल हो चुके विवादित विशेषज्ञों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। साक्षात्कार में शामिल विशेषज्ञों में नामी विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों के शिक्षक नहीं, बल्कि कुछ विवादित कॉलेजों एवं इंटर कॉलेजों के शिक्षक शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से इन दिनों प्रवक्ता भर्ती परीक्षा-2013 के लिए साक्षात्कार चल रहा है। इससे पहले प्रधानाचार्य के पदों के लिए साक्षात्कार पूरा किया गया। प्रधानाचार्य एवं प्रवक्ता के साक्षात्कार से पूर्व चयन बोर्ड के अधिकारियों एवं सदस्यों ने पैनल के सदस्यों का नाम तय कर दिया। पता चला है कि यह विशेषज्ञ पूर्व में विवादित रहे अध्यक्ष एवं सदस्यों के खास लोगों को इंटरव्यू में एक्सपर्ट के तौर पर बुला लिया। इसको लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
चयन बोर्ड की ओर से इंटरव्यू पैनल में गठन को लेकर 2014 में प्रधानाचार्य के पदों के लिए साक्षात्कार के समय हो गया था। साक्षात्कार बोर्ड के गठन एवं पैनल में शामिल सदस्यों के नाम को लेकर तत्कालीन सचिव ने विरोध किया था। इस विरोध को दर किनार करते हुए उस समय चयन बोर्ड के कार्यवाहक अध्यक्ष रहे डॉ. आशाराम यादव ने मनमाने तरीके से इंटरव्यू पैनल का गठन किया था। चयन बोर्ड सूत्रों का कहना है कि उसी पैनल के सदस्यों को प्रवक्ता के साक्षात्कार में भी मौका दिया गया है।