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सीपीएमटी में संगम नगरी की सूफिया मोहसिन ने लहराया परचम

Tue, 09 Jun 2015 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद(यूरो)। यूपी सीपीएमटी परीक्षा-2015 में संगम नगरी के मेधावियों ने एक बार फिर परचम लहराया है। दीनदयाल उपाध्याय विवि गोरखपुर की ओर से आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा का परिणाम सोमवार को घोषित किया गया। जिसमें संगम नगरी की सूफिया मोहसिन ने यूपी में 24वां स्थान हासिल करने के साथ ही इलाहाबाद में पहले स्थान पर रही। परीक्षा परिणामों पर नजर डाले तो इलाहाबाद के दौ सौ से अधिक मेधावियों का चयन हुआ ह,ै जिनकी विभिन्न मेडिकल कालेजों के प्रवेश के लिए काउंसलिंग की जाएगी। दूसरी ओर परीक्षा परिणाम आते ही शहर के तमाम साइबर कैफे व कोचिंग संस्थानों में छात्र छात्राओं का जमावड़ा लग गया। इंटरनेट पर परीक्षा में पास होने की जानकारी मिलते ही उत्तीर्ण परीक्षार्थी खुशियों से झूम उठे। छात्र छात्राओं ने एक दूसरे को बधाइयां देने के  साथ ही मिठाइयां खिलायी।
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बेटी की सफलता है गदगद हैं सूफिया के माता-पिता
सीपीएमटी परीक्षा में प्रदेश में 24वां स्थान हासिल करने वाली मेधावी सूफिया मोहसिन की सफलता पर माता पिता गदगद हैं। पिता डॉ. अनवर मोहसिन व मां डॉ. समीरा हमीद का कहना है कि उन्हें बेटी की सफलता पर पूरा भरोसा था। गर्ल्स हाईस्कूल की छात्रा रही सूफिया मोहसिन की इच्छा शुरू से ही डॉक्टर बनने की थी। वह माता पिता के नक्शे कदम पर चलकर डॉक्टरी के पेशे को अपनाकर समाज सेवा करना चाहती हैं। सूफिया मोहसिन की इस सफलता पर परिजनों, रिश्तेदारों ने बधाई दी है। तमाम रिश्तेदार बधाई देने काटजू रोड उसके घर पहुंचे।

कृति बनी श्रृति की प्रेरणा
सीपीएमटी परीक्षा में बीएचयू में अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार भट्ट की बेटी श्रृति भट्ट ने परीक्षा पास कर नई मिसाल पेश की है। बड़ी बहन कृति के नक्शे कदम पर चलकर सीपीएमटी परीक्षा पास कर परिजनों का नाम रोशन कर दिया है। श्रृति की बड़ी बहन कृति ने 2012 में सीपीएमटी परीक्षा पास की थी और वर्तमान में एसएन मेडिकल कालेज में एमबीबीएस की छात्रा है। श्रृति के चाचा व पुलिस मुख्यालय में तैनात आईपीएस अधिकारी दीपक कुमार भट्ट ने बताया कि वह बचपन से ही डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा करना चाहती थी। श्रृति की सफलता पूरे परिवार के लिए गर्व का विषय है।
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कइयों के चेहरे खिलखिलाएं, हजारों हुए मायूस
सीपीएमटी परीक्षा परिणाम आते ही जहां सैकड़ों भावी डॉक्टरों के चेहरे खिलखिला उठे, वहीं हजारों मेधावियों के चेहरे मायूस हो गए। कोचिंग संस्थानों में एक नहीं दो साल तक पढ़ाई करने के बाद परीक्षा उत्तीर्ण नही कर पाने का मलाल कई मेधावियों के चेहरों पर साफ झलका। परीक्षा में असफलता से मायूस इन मेधावियों में से कई ने कहा कि डॉक्टर बनने के लिए उन्होंने पढ़ाई में सब कुछ दांव पर लगाया, लेकिन सफलता नहीं मिली, ऐसे में अब उनके पास सीमित विकल्प ही बचे हैं।

मेडिकल कालेज में काउंसलिंग की तैयारियां तेज
सीपीएमटी परीक्षा आने के साथ ही मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज में काउंसलिंग की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। हालांकि महानिदेशक  चिकित्सा शिक्षा की ओर से अभी कोई दिशा निर्देश नहीं जारी किया गया लेकिन फिर कालेज प्रशासन अपने स्तर से तैयारियां को अंजाम देना शुरू कर दिया है। गत वर्ष की भांति इस बार चार काउंसलिंग सेंटरों की जगह महज एक ही सेंटर पर  काउंसलिंग की चर्चाएं हैं। लेकिन अभी इस संबंध में कोई अंतिम आदेश नहीं जारी किया गया है। ज्ञात हो कि पिछले साल इलाहाबाद, कानपुर, लखनऊ व मेरठ मेडिकल कालेजों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए काउंसलिंग की गई थी। पिछली कमेटी में डिप्टी काउंसलर रहे डॉ. आरबी कमल ने बताया कि संभवत: काउंसिल जुलाई के पहले सप्ताह में होगी। अभी काउंसलिंग को लेकर कोई पत्र भी नहीं मिला है। जैसे ही निदेशालय के स्तर से कोई दिशा निर्देश जारी होगा, काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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