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शहर की सामाजिक कार्यकर्ता सीमा आजाद भी हुईं व्हाट्सएप जासूसी की शिकार

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Seema Azad whatsapp spy - फोटो : CITY DESK
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फेसबुक पर लंबे-चौड़े पोस्ट के माध्यम से दी जानकारी
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प्रयागराज। इजराइली स्पाईवेयर के माध्यम से व्हाट्सएप जासूसी का शिकार शहर की सामाजिक कार्यकर्ता सीमा आजाद भी हुईं। यह चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब उन्होंने खुद शुक्रवार को फेसबुक पर लंबे-चौड़े पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी अपने परिचितों व अन्य यूजरों से साझा की।
सीमा ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे के करीब फेसबुक पर पोस्ट डाली। लिखा कि रोज की तरह 30 अक्तूबर की सुबह 10 बजे उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया, जो अन्य मैसेजों से अलग था। इसमें लिखा था कि मई में बहुत सारे व्हाट्सएप वीडियोकॉल के जरिए कई फोन नंबरों पर जासूसी वायरस भेजा गया। उनका नंबर भी उनमें से एक हो सकता है। बकौल सीमा, उस दिन उन्होंने इस संदेश पर बहुत ध्यान नहीं दिया। लेकिन, शुक्रवार सुबह एक अखबार में छपी खबर पढ़ने के बाद उन्हें इसकी गंभीरता का पता चला। जिसमें बताया गया था कि इजराइल के बने स्पाईवेयर का इस्तेमाल सुरक्षा कंपनियां लोगों की जासूसी करने के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। कंपनियों ने 1400 वकील, पत्रकार व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी के लिए इस एप का इस्तेमाल किया। जिनमें भारतीय भी शामिल हैं।
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सीमा ने फेसबुक पर लिखा कि वह सोच में ही पड़ी थीं कि कुछ देर बाद उनके पास अंजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल व मैसेज आया, जिसमें महिला का चेहरा नजर आ रहा था। कॉल बैक करने पर पता चला कि कॉल करने वाला और कोई नहीं, बल्कि व्हाट्सएप जासूसी की खबर लिखने वाली पत्रकार हैं। सीमा हैरान तब रह गईं जब महिला पत्रकार ने उनसे उनके फोन पर जासूसी के बारे में आए मैसेज के बारे में पूछा। यह पूछने पर कि उन्हें जानकारी कैसे हुई, महिला पत्रकार ने बताया कि अब सारे नाम सार्वजनिक हो रहे हैं। जिनमें से एक नाम उनका भी है।
निजता है अधिकार, नहीं की जा सकती ताकझांक
अपनी पोस्ट में व्हाट्सएप जासूसी को गलत ठहराते हुए सीमा ने यह भी लिखा है कि निजता हमारा संवैधानिक अधिकार है। सुरक्षा के नाम पर हमारे घर या फोन में ताकझांक नहीं की जा सकती। यह अधिकारों का हनन है और ऐसा करने वाले अपराधी हैं।
क्या है पूरा मामला
फेसबुक के स्वामित्व वाली इंस्टैंट मैसेजिंग कंपनी व्हाट्सएप की ओर से एक दिन पहले किए गए खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। इसमें कहा गया है कि इजराइली स्पाईवेयर ‘पेगासस’ के जरिए भारतीय पत्रकारों व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी की गई। वैश्विक स्तर पर करीब 1400 व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं की जासूसी की गई। कंपनी इसका आंकड़ा नहीं दे पाई कि भारत में इस स्पाईवेयर हमले के शिकार कितने लोग हुए। लेकिन, उनका कहना है कि इस सप्ताह कंपनी ने जिन भी लोगों से संपर्क कर उन्हें सतर्क किया, उनमें भारतीय उपयोगकर्ता भी शामिल हैं।
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कौन हैं सीमा आजाद
सीमा आजाद शहर की एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो वामपंथी आंदोलनों से जुड़ी हैं। 2010 में नक्सली साहित्य रखने के आरोप में उन्हें व उनके पति विश्वविजय को गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान सीमा आजाद एक मासिक पत्रिका का संपादन करती थीं और पीयूसीएल(पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज) उप्र की संगठन सचिव भी थीं।
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