Shops of Hanuman temple complex also in army radar
प्रयागराज। परेड मैदान और संगम क्षेत्र से तमाम अवैध कब्जा हटाने के बाद सेना अब बांध स्थित लेटे हुए हनुमान जी मंदिर के पास भी अतिक्रमण अभियान चला सकती है। यहां मंदिर के आसपास तमाम अवैध कब्जे हैं। कब्जे वाले स्थान पर प्रसाद आदि की दुकानें भी संचालित हो रही हैं। सेना के अफसरों ने सभी अवैध कब्जेदारों को चेता दिया है कि वह जल्द से जल्द वहां से हट जाएं। अन्यथा अभियान चलाकर सभी को हटाया जाएगा। इस बीच चर्चा इस बात की भी है कि सेना ने माघ मेला प्रशासन को अभी मेले के लिए जमीन नहीं दी है। इस वजह से मेला प्रशासन की तैयारियां भी प्रभावित हुई हैं।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सेना द्वारा परेड एवं संगम क्षेत्र में किए गए अवैध कब्जों को हटाया जा रहा है। इस संबंध में पिछले सप्ताह पूर्व यूपी और एमपी सब एरिया मुख्यालय के डिप्टी जीओसी बिग्रेडियर आरपी सिंह ने परेड मैदान और संगम क्षेत्र का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटवाने का निर्देश दिया था। सेना भी लगातार अवैध कब्जों को हटा रही है। बताया जा रहा है कि माघ मेला क्षेत्र में 80 फीसदी जमीन सेना की है। दस फीसदी जमीन रक्षा संपदा विभाग और दस फीसदी जमीन छावनी परिषद की है।
पिछले शुक्रवार को सेना ने छावनी परिषद द्वारा विकसित किए गए कृष्णा उद्यान को भी ध्वस्त किया था। सेना अफसरों को कहना है कि बिना अनुमति लिए वहां कई स्थायी निर्माण हो चुके हैं। बांध स्थित हनुमान मंदिर परिसर की दुकानें भी बिना अनुमति के ही बनाई गई है। वहां एक धर्मशाला और कुछ अन्य मंदिर का निर्माण करने वालों से पूछा गया है कि उन्होंने किसकी अनुमति से निर्माण करवाया है। अगर कोई रिकार्ड है तो उन्हें दिखाया जाए। इस बीच माघ मेला के लिए सेना की ओर से अभी माघ मेला प्रशासन को जमीन नहीं दी गई है। चर्चा है कि मेला संपन्न करवाने के लिए इस संबंध में जो अड़चन है वह जल्द ही दूर कर ली जाएगी।