कोरांव। यमुनापार के कोरांव इलाके में शनिवार रात शादी के बाद दूल्हे की टेढ़ी आंखों यानी भैंगापन देख दुल्हन भड़क उठी। दुल्हन ने साफ कह दिया कि वह इस दूल्हे के साथ जीवन नहीं गुजार सकती है। उसके साथ धोखा हुआ है। अगर उसे जबरन विदा किया गया तो वह आग लगाकर अपनी जान खत्म कर देगी। मगर दुल्हन की इस जिद पर हंगामा मच गया। दुल्हन के आत्मदाह करने की धमकी के आगे घरवालों को भी झुकना पड़ा। उन्होंने भी पहले तो विरोध करने पर दूल्हे के घरवालों को बंधक बना लिया, फिर दहेज का सारा सामान वापस लेकर बारातियों को बिन दुल्हन विदा कर दिया।
कोरांव में रवनिया गांव निवासी दिवाकर मिश्रा ने बेटी विधाता की शादी मांडा में मेहा जागिर गांव के रघुनंदन शुक्ला से तय की थी। शनिवार रात बारात पहुंची। रात में शादी के कार्यक्रम संपन्न हुए। सात फेरे हुए। रविवार सुबह दूल्हा-दुल्हन को कोहबर में ले जाया गया। वहां दुल्हन ने पहली बार दुल्हे को ठीक से देखा तो उसकी आंखों का भैंगापन नजर आया। यह देख दुल्हन बिफर पड़ी। उसने अपनी मां और परिवार के लोगों से कह दिया कि वह टेढ़ी आंखों वाले आदमी के साथ जीवन नहीं गुजार सकती।
परिजनों ने समझानेे का प्रयास किया तो वह और भी भड़क उठी। दुल्हन ने साफ कह दिया कि उस पर दबाव बनाकर जबरन विदा किया गया तो वह आग लगाकर आत्महत्या कर लेगी। आखिरकार दुल्हन के घरवालों ने भी कह दिया कि वह बेटी को जबरन नहीं विदा कर सकते। यह सुनकर बौखलाए दूल्हे के घरवालों और बारातियों ने विरोध किया तो झगड़े की नौबत आ गई। दुल्हन के घरवालों ने भी सख्त तेवर अपनाया तो बाराती भाग गए। दूल्हे और उसके पिता, भाई चाचा समेत कई लोगों को बंधक बनाकर उनसे कहा गया कि भलाई इसी में है कि वे दहेज का सारा सामान वापस कर बिन दुल्हन चले जाएं। आखिरकार दुल्हन की जिद के आगे बारात बैरंग लौट गई।