इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में पीएचडी प्रवेश-2026 के लिए अभ्यर्थियों की अंतिम मेरिट तैयार करने का फार्मूला तय कर दिया गया है। प्रवेश मेरिट 120 अंकों की होगी। इसमें अभ्यर्थी के शैक्षणिक रिकॉर्ड के 20 अंक, एनटीए परीक्षा के 70 अंक और रिसर्च एप्टीट्यूड टेस्ट (आरएटी) के 30 अंक शामिल किए जाएंगे। खास बात यह है कि परास्नातक में 60 फीसदी या इससे अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थी को अकेले पीजी के प्रदर्शन के आधार पर 10 अंक मिलेंगे।
एनटीए परीक्षा में प्राप्त अंकों को इविवि के निर्धारित पैमाने के अनुसार 70 अंकों में बदला जाएगा। इसके बाद आरएटी में प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम 30 अंक मिलेंगे। यानी एनटीए व आरएटी मिलाकर मेरिट में 100 अंक तय होंगे।
हाईस्कूल से पीजी तक के अंकों का भी लाभ
अभ्यर्थियों के पूर्व शैक्षणिक प्रदर्शन को भी मेरिट में जगह दी गई है। हाईस्कूल के लिए अधिकतम दो, इंटर के तीन, स्नातक के पांच और परास्नातक के 10 अंक निर्धारित है। इस तरह शैक्षणिक रिकॉर्ड के 20 अंक होंगे।
हाईस्कूल में 50 फीसदी से कम अंक होने पर कोई अंक नहीं मिलेगा। 50 से 60 फीसदी से कम अंक पर एक और 60 फीसदी या इससे अधिक अंक पर दो अंक दिए जाएंगे। इंटरमीडिएट में 50 फीसदी से कम पर एक, 50 से 60 फीसदी से कम पर दो और 60 फीसदी या अधिक अंक पर तीन अंक मिलेंगे। स्नातक में 50 फीसदी से कम अंक होने पर दो, 50 से 60 फीसदी से कम पर तीन और 60 फीसदी या अधिक अंक होने पर पांच अंक निर्धारित हैं।
पीजी के अंकों का सबसे ज्यादा फायदा
शैक्षणिक रिकॉर्ड में सबसे अधिक महत्व परास्नातक के अंकों को दिया गया है। पीजी में 50 से 55 फीसदी से कम अंक होने पर पांच, 55 से 60 फीसदी से कम पर सात और 60 फीसदी या इससे अधिक अंक होने पर पूरे 10 अंक मिलेंगे।
इसी तरह पीजी में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश मेरिट में सीधा लाभ मिलेगा। अंतिम मेरिट में शैक्षणिक रिकॉर्ड के 20, एनटीए के 70 और आरएटी के 30 अंक जोड़कर 120 अंक होंगे। इसी आधार पर विषयवार निर्धारित नियमों के अनुसार पीएचडी प्रवेश की अंतिम मेरिट तैयार की जाएगी।