याचियों ने ईसीआईआर के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय और येडा की ओर से आईएचएफएल और उसके अधिकारियों के खिलाफ ग्रेटर नोएडा बीटा-टू में 15 अप्रैल 2023 को आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत दर्ज की गई प्राथमिकी को चुनौती दी। याचियों की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि विवाद दीवानी प्रकृति का है। आपराधिक कार्रवाई करना दुर्भावना से प्रेरित है और प्राथमिकी में लगाए गए आरोप कोई संज्ञेय अपराध नहीं हैं।
कोर्ट की ओर से कहा गया कि याचिका में केवल अंतरिम राहत के लिए प्रार्थना की गई है। प्रथम दृष्टया विवाद दीवानी प्रकृति का है। इसे आपराधिक रंग दिया जा रहा है। कोर्ट ने याचियों के खिलाफ जारी समन सहित सभी कार्रवाई पर अंतरिम राहत देते हुए मामले की सुनवाई के लिए 28 अगस्त की तिथि तय कर दी।