29 हजार वर्ग किमी है शोध का दायरा
चार सौ करोड़ साल पुराने पत्थर और बहुमूल्य धातुओं एवं खनिजों की खोज का दायरा 29 हजार वर्ग किलोमीटर है। प्रो. पति के अनुसार ललितपुर से लेकर ग्वालियर के कुछ पहले तक, बबीना के पश्चिम से लेकर बांदा एवं महोबा तक और खजुराहो से लेकर झांसी तक शोध किया जा रहा है।
आइसो डायनिमिक सेपरेटर की ली जाएगी मदद
इस शोध में आइसो डायनिमिक सेपरेटर नाम के उपकरण की मदद ली जाएगी। इस मशीन की मदद से पत्थर से मिनिरल को अलग किया जाएगा और इससे पत्थर की उम्र का पता लगाया जा सकेगा। अर्थ साइंसेज मिनस्ट्रि से मंजूर हुए प्रोजेक्ट के तहत 41 लाख रुपये की लागत से यह उपकरण खरीदा जाएगा। इसके अलावा केमिकल भौगोलिक सर्वेक्षण में 3.80 लाख रुपये खर्च होंगे।