बोर्ड स्थिति का आकलन कर रहा है। साथ ही इस बात का भी आकलन किया जा रहा है कि छात्रों का कितना नुकसान हुआ है। उसके बाद इस बारे में कुछ निर्णय लिया जाएगा। इससे पहले एनसीईआरटी ने पिछले हफ्ते एक वैकल्पिक शैक्षिक कैलेंडर की घोषणा की थी। यह कैलेंडर पहली से पांचवीं क्लास तक के छात्रों के लिए थे। इन क्लासों के छात्र लॉकडाउन के दौरान घर पर रहने की स्थिति में इसी कैलेंडर के अनुसार पढ़ाई करेंगे।
काउंसिल की ओर से दूसरे क्लास लिए भी इसी तरह का कैलेंडर तैयार करने की योजना है। बोर्ड की माने तो एनसीईआरटी ने पहली से आठवीं क्लास तक के लिए संशोधित शैक्षिक कैलेंडर तैयार किया है। सीबीएसई भी लॉकडाउन के दौरान हुए छात्रों के हुए नुकसान का आकलन कर रहा है ताकि 9वीं से 12वीं क्लास तक के सिलेबस को बच्चों के लायक बनाया जा सके। इसके बारे में आने वाले समय में सूचित कर दिया जाएगा।
देश भर में कोरोना संक्रमण के चलते पहले 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया गया था, इसके बाद लॉकडाउन को बढ़ाकर तीन मई तक कर दिया गया। लॉकडाउन की वजह से देश भर में सभी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और शैक्षिक संस्थान बंद हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं को भी स्थगित किया गया है।