राज्य शिक्षा संस्थान उत्तर प्रदेश की ओर से सीटी नर्सरी का पुराना पाठ्यक्रम संशोधित करके राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद लखनऊ को भेज दिया है। बदला पाठ्यक्रम नेशनल कैरीकुलम फ्रेमवर्क (एनसीएफ) 2005 एवं एनसीटीई के मानक के अनुरूप विकसित किया गया है। नए पाठ्यक्रम में बच्चों की देखभाल के साथ उनको पर्यावरण के प्रति जागरूक करने और विशिष्ट व्यवहार वाले बच्चों की देखभाल शामिल हैं।
राज्य शिक्षा संस्थान के प्राचार्य दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि पाठ्यक्रम में बदलाव पूर्व प्राथमिक एवं बाल्य देखभाल से जुड़ी अवधारणाओं के प्रति शिक्षकाें में समझ विकसित करनी है। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम दो वर्षीय है, इसमें पहले पर्ष में लगभग दस प्रश्नपत्र समाहित किए गए हैं। इसमें प्रारंभिक बाल्यावस्था, बच्चों की देखभाल, बाल्यावस्था की समझ, स्वास्थ्य रक्षा एवं पोषण, बच्चों में गणितीय कौशल विकसित करना तथा पर्यावरणीय शिक्षा के प्रति बच्चों में समझ विकसित करना प्रमुख है। इसी क्रम में बच्चों में सेल्फ डेवलपमेंट तथा कंप्यूटर शिक्षा जैसी नई विधा का को जोड़ा गया है। दूसरे वर्ष के कुल सात प्रश्नपत्र में प्रमुख रूप से विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के साथ स्वस्थ व्यवहार एवं कार्य, अभिभावक एवं समुदाय की सहभागिता लेना, लिंग विषमता और विभेद तथा इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट एवं प्रायोगिक कार्य शामिल हैं।