डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार पीड़ितों को डेंगू संक्रमण का डर सता रहा है। मंगलवार को 24 घंटे में 11 नए डेंगू संक्रमित चिह्नित किए गए। आठ संक्रमित विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। जिले में अब तक 254 डेंगू के मरीज पाए गए। एक की मौत भी हुई है।
मंगलवार को ग्रामीण इलाकों में चिह्नित डेंगू संक्रमितों की संख्या छह रही वहीं शहरी मोहल्लों में पांच नए मरीज मिले हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आनंद सिंह के मुताबिक शहर के मुकाबले गांवों में संक्रमण कम है। ग्रामीण इलाकों में 68 तथा शहरी इलाकों में 186 डेंगू संक्रमित चिह्नित हो चुके हैं। वहीं निजी अस्पतालों को कहा गया है कि जिन मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले या संक्रमण की पुष्टि हो, उसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को अनिवार्य रूप से दें।
शहरी इलाकों में नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को विभिन्न वार्डों में सफाई अभियान चलाया। पर्यावरण अभियंता उत्तम वर्मा के मुताबिक 3258 घरों में लार्वा जांच अभियान के साथ लार्वा स्त्रोत नष्ट कराए। 3915 घरों और उनके आसपास एंटी लार्वा छिड़काव भी कराया। मलेरिया विभाग ने संक्रमितों के घर टीम भेजी। पीड़ितों को ही नहीं उनके परिवारीजनों को भी दवाएं दीं। एंटी लार्वा छिड़काव भी कराया गया।
कूलर, गमले, फ्रिज, पानी की टंकी में मिल रहे लार्वा
डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम ने संयुक्त रूप से कार्ययोजना बनाकर काम शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी संजय खत्री प्रतिदिन बैठक में समीक्षा कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. नानक सरन के मुताबिक अभी तक जिन इलाकों में जांच कराई गई वहां लोगों के घरों में रखे कूलर, गमलों, फ्रिज, पानी की टंकी, गैराज में रखे टायरों आदि में डेंगू लार्वा पाए गए। लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि किसी भी दशा में पानी एकत्र न होने दें।
28 दिनों में मलेरिया के 73 पीड़ित
जिले में सितंबर माह के 28 दिनों में मलेरिया के कुल 73 मरीज चिह्नित किए गए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आनंद सिंह के मुताबिक 80 फीसदी मरीज ग्रामीण इलाकों के हैं। शंकरगढ़ और आसपास के तीन ब्लाकों में मलेरिया की रोकथाम और उपचार के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।