डॉ.प्रज्ञा के अनुसार इसके विपरीत प्रबंधन की ओर से न्यायालय में हलफनामा लगाया गया कि तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी की जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है। चार बिंदुओं वाली जांच रिपोर्ट लगाई गई, जिसमें कहा गया है कि भर्ती नियमों के अंतर्गत हुई है। तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी विकास की ओर से भी यही रिपोर्ट उप निदेशक को भेजी गई है।
अभ्यर्थियों ने इसकी शिकायत फिर मंडलायुक्त से की। इस पर अपर आयुक्त पुष्पराज सिंह ने वर्तमान उप निदेशक समाज कल्याण सुधीर एवं जिला समाज कल्यण अधिकारी डॉ.प्रज्ञा सिंह से पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए कहा।
डॉ.प्रज्ञा ने बताया कि वर्तमान में जालौन में तैनात प्रवीण सिंह से उस जांच के बारे में जानकारी ली गई। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस तरह की कोई जांच उनकी तरफ से नहीं की गई है। उन्होंने मंडलायुक्त को अनुरोध पत्र लिखकर जांच से खुद को हटा लिया था। डॉ.प्रज्ञा का कहना है कि इससे स्पष्ट है कि प्रवीण कुमार सिंह के नाम पर फर्जी जांच रिपोर्ट तैयार की गई है। उन्होंने पूरे मामले की तहरीर कर्नलगंज थाने में दी है। साथ ही मुकदमा लिखाकर कार्रवाई के लिए कहा है।
एफआईआर में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी को ही बना दिया आरोपी
डॉ.प्रज्ञा पांडेय की तहरीर पर तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ ही मुकदमा लिख दिया गया है। डॉ.प्रज्ञा ने इसे लेकर बृहस्पतिवार को थाने में संपर्क करने के साथ पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने एफआईआर में संशोधन की मांग की। डॉ.प्रज्ञा के अनुसार थाने में बताया गया कि लिपिकीय त्रुटिवश ऐसा हो गया है। उनके बयान के बाद एफआईआर में संशोधन कर दिया जाएगा। डॉ.प्रज्ञा का कहना है कि वह शुक्रवार को लिखित में बयान दे देंगी। ताकि, एफआईआर में संशोधन कर आगे की कार्रवाई शुरू की जाए।