इसके अलावा मुट्ठीगंज में स्थित भोले गिरि मंदिर, दशाश्वमेध घाट स्थित शिव मंदिर, दारागंज में नागवासुकि मंदिर सहित सिविल लाइंस हनुमत निकेतन स्थित महादेव मंदिर, संगम तट पर स्थित श्री बड़े हनुमान मंदिर, राम जानकी मंदिर और भगवान शिव मंदिर कोटेश्वर महादेव, पड़िला महादेव मंदिर, फाफामऊ, सोमेश्वर महादेव मंदिर अरैल नैनी, शिव मंदिर राजरूपपुर के अलावा ग्रामीण अंचलों में स्थित कुंदौरा महादेव मंदिर जंघई, प्राचीन शिव मंदिर बरौत, बेलनाथ मंदिर भीटी आदि मंदिरों में भक्तों ने जलाभिषेक किया।
दारागंज गंगा घाट से जल उठाकर हजारों की संख्या में कांवड़िये काशी विश्वनाथ और बाबा सेमराधनाथ महादेव सहित अन्य शिवालयों में जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। भोले भक्तों का पूरे दिन मंदिरों में तांता लगा रहा। कई मंदिरों पर विशेष आरती, प्रसाद और भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने रुद्राभिषेक कर भगवान शिव की आराधना की।