हनुमत निकेतन सिविल लाइन में भगवान शिव का पूजन करते भक्त।
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अंतिम सोमवार को भी मंदिरों में भारी भीड़ देखी गई। सोमवार को सोम प्रदोष का व्रत है। प्रदोष व्रत भगवान शिव को ही समर्पित है। सावन के सोमवार को यह व्रत पड़ने के कारण महत्व और भी बढ़ गया है। सरस्वती घाट स्थित प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर में भारी भीड़ रही। मंदिर को सुगंधित पुष्पों से सजाया गया है। भोर में पंचामृत स्नान के साथ ही मनकामेश्वर के पट आम भक्तों के लिए खोल दिए गए। इसी तरह सिविल लाइंस स्थित हनुमत निकेतन शिवमंदिर, तक्षकेश्वर नाथ महादेव मंदिर, नागवासुकि मंदिर और दशाश्वमेध ब्रह्मेश्वर मंदिर में भी जलाभिषेक के लिए भक्तों की कतारें लगी रही।
भक्तों ने गंगा जल, दुग्ध, पंचामृत, नैवेद्य, बेलपत्र, पुष्प, मिष्ठान्न, भांग, धतूर, चंदन, दही, घृत, ईत्र अर्पण कर भोग लगाया गया। मंदिरों पर शिव स्तुति, शिव तांडव, शिव चालीसा, शिव महिम्न स्त्रोत, रामायण, रामचरित मानस का पाठ हुआ। मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और महिला सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने भी बाबा का जलाभिषेक किया।