माघ मेला क्षेत्र में संतों द्वारा गौ, गंगा, गीता, गायत्री के लिए जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। संत केंद्र सरकार से गौ हत्या बंद कराने के लिए कठोर निर्णय की मांग कर रहें हैं वहीं भक्तों को गौ पालन का संकल्प दिला रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को आचार्य बाड़ा स्थित श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर देवस्थान धर्मार्थ ट्रस्ट अलोपीबाग के शिविर में संत समागम हुआ। जिसमें गौ संरक्षण के लिए संतों नेआवाज बुलंद की।
बतौर मुख्य अतिथि स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि गौ रक्षा के लिए सरकार और समाज दोनों को प्रयास करना होगा। केंद्र सरकार गौ हत्या बंद करने के लिए कठोर निर्णय लाए वहीं घर-घर गौ पालन किया जाए। अध्यक्षता करते हुए स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा कि गौ की पूंछ पकड़ कर वैतरणी पार करने की कामना रखने वालों को पहले गौ पालन करना चाहिए। उन्हें घर के बुजुर्गों की भांति गौ माता की सेवा करने का संकल्प करना चाहिए।
योग गुरू स्वामी आनंद गिरि ने कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा करने के लिए गौ पालन जरूरी है। सिर्फ कानून के भरोसे कुछ भी सार्थक बदलाव होने वाला नहीं है। दुनिया भर से लोग सनातन संस्कृति के बारे में जानने को कुंभ, अर्द्धकुंभ एवं माघ मेले में आते हैं। हमारा दायित्व है कि परंपरा को बचाने के कड़ी में गौ पालन करें।
स्वामी गोविंद रामानुजदास गोकर्णाचार्य की 23वीं पुण्य स्मृति पर आयोजित कार्यक्रम में महामंडलेश्वर सतुआबाबा संतोषदास, रसिक पीठाधीश्वर जनमेजय शरणदास, स्वामी महेशाश्रम, स्वामी विमलदेव आश्रम, स्वामी शंकरआश्रम, स्वामी श्रीधराचार्य , स्वामी चंद्रभूषाचार्य, स्वामी अच्युत प्रपन्नाचार्य, डा. श्यामदेवाचार्य, आचार्य जयराम, महंत राजारामाचार्य, स्वामी हयग्रीवाचार्य, आचार्य व्यासमुनि आदि ने विचार व्यक्त किया। स्वागत स्वामी घनश्यामाचार्य ने किया।