पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनेंगी मायावती
सतीश ने कहा कि प्रयागराज देश की पहचान है। गंगा यमुना और सरस्वती से निकला संदेश पूरे देश तक जाता है। प्रयागराज की जनता ने फैसला कर लिया है कि वह नौजवान महिला और किसानों के हित के लिए बसपा को जिताएंगे और बहनजी को पांचवी बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाएंगे।
सतीश ने भाजपा व सपा नेताओं के दलितों के घर खाना खाने को दिखावा बताया। कहा कि वह खाना पांच सितारा होटल से मंगाया जाता है और गरीब व दलित के साथ बैठकर हमदर्दी दिखाने का नाटक किया जाता है। बहुजन समाज पार्टी गरीब की झोपड़ी में खाना खाने के बजाय उन्हें पक्के मकान देने में विश्वास करती है। बसपा के कार्यकाल में ही प्रदेश का विकास हुआ है सपा और भाजपा ने प्रदेश को बस लूटने का काम किया है।
बसपा शासन में 23 लाख लोगों को मिली थी नौकरी
सतीश मिश्रा ने युवाओं पर बोलते हुए कहा कि हम युवाओं को मोबाइल नहीं देंगे बल्कि उन्हें रोजगार देंगे। उसी रोजगार से वह खुद के लिए और अपने परिवार वालों के लिए मोबाइल खरीदेंगे। बहुजन समाज पार्टी जो वादा करती है उसे पूरा करती है। बसपा ने अपने शासनकाल में प्रदेश 23.5 लाख लोगों को नौकरी दी थी। इस बार भी बसपा ने बेरोजगारी को खत्म करने का संकल्प लिया है और सरकार बनने पर हर घर से एक सदस्य को नौकरी देने का संकल्प लिया है।
उन्होंने बसपा सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि बसपा ने ही प्रदेश में गन्ना का मूल्य दोगुना किया और बिजली का उत्पादन 6500 से बढ़ाकर 13,500 मेगावाट तक बढ़ाया। साथ ही प्रदेश में 23 नए जिले बनाए जिससे इन जिलों में विकास की नई गंगा बहनी शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश का असली विकास सिर्फ मायावती ही कर सकती हैं।
मायावती के शासनकाल में ही कानून व्यवस्था सबसे मजबूत थी। बसपा ने समाज के हर वर्ग का विकास किया है और सबको सम्मान दिया है। बसपा शासनकालम में विकलांगो के लिए बनाई गई इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी डा शकुंतला अपने आप में एतिहासिक है।
सतीश ने भाजपा विधायकों को घेरते हुए कहा कि वो अपना काम ही कराने के मोहताज रहे तो वो जनता की समस्याओं को क्या सुलझाते, सिर्फ बहुजन समाज पार्टी के नेता ही जनता की समस्याओं को मुखर तरीके से उठाते हैं और उस समस्या को दूर करते हैं। बसपा सरकार के कार्यकाल को याद कर जनता ने मन बना लिया है कि वह एक बार फिर मायावती को मुख्यमंत्री की कमान सौंपने जा रही है। सतीश मिश्रा की जनसभा कीडगंज स्थित शुभव वाटिका और अल्लापुर स्थित रामलीला मैदान में हुई।