भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए संत आगे आएं
जगदगुरु घनश्यामार्च ने जहां गो हत्या पर रोक लगाने और इसके लिए कठोर कानून बनाने का मुद्दा उठाया, वहीं उन्होंने भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए संतों से आगे आने का आह्वान किया। टीकरमाफी मठ के स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी ने गंगा निर्मलीकरण का मुद्दा उठाया। इस दौरान उन्होंने गंगा में गिरने वाले नालों को बंद न किए जाने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नालों के गंदे पानी को आसपास के इलाके की असिंचित भूमि पर डायवर्ट किया जाना चाहिए।
काशी सुमेरु पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने हिंदू समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब समय बिखरने या अलग-अलग राग अलापने का नहीं रह गया है। इस मौके पर स्वामी रामेश्वराचार्य, श्रीधराचार्य, स्वामी अच्युत प्रपन्नाचार्य, स्वामी राम प्रपन्नाचार्य, स्वामी शंकरआश्रम, स्वामी परांकुशाचार्य समेत कई संतों ने विचार व्यक्त किए।