माघ मेला में लगे विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के शिविर में आयोजित तीन दिवसीय क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन के समापन पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने संस्कृत की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने संस्कृत को वेद और विज्ञान से भी जोड़ा। कहा कि विश्वविद्यालयों के सभी विभागों में संस्कृत भाषा एक अनिवार्य विषय होना चाहिए।
समापन समारोह की अध्यक्षता कर रहे प्रो. हांगलू ने यह भी कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान इलाहाबाद के प्रो. ललित कुमार त्रिपाठी ने कहा कि वेद पढ़ने वाले विद्यार्थियों को विज्ञान, इतिहास, कंप्यूटर, अंग्रेजी का भी साथ में अध्ययन करना चाहिए।
कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय ने कहा कि स्वर्गीय अशोक सिंघल द्वारा चलाए गए 22 से अधिक वेद विद्यालयों का उद्देश्य यह था कि यहां पढ़ने वाले विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के बाद वेद का प्रचार प्रसार करें। सम्मेलन का संचालन आचार्य पंकज कुमार शर्मा ने किया। इस दौरान महर्षि भरद्वाज वेद विद्या समिति के अध्यक्ष डा. आरएन मिश्र ने बताया कि वैदिक शिविर में 428 वैदिक बटुक, 75 आचार्य आदि ने शिरकत की। समापन समारोह में अरविंद मिश्र, सिद्धार्थ पाठक, सुरेंद्र शुक्ला, श्याम शुक्ला, विहिप प्रांत संगठन मंत्री मुकेश जी आदि मौजूद रहे।
विश्व हिंदू परिषद के बाद बजरंग दल भी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा प्रमुखता से उठाएगा। इसके लिए माघ मेला स्थित विहिप शिविर में सोमवार छह फरवरी को बजरंग दल काशी प्रांत का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया है। बजरंग दल के संयुक्त क्षेत्रीय संयोजक सुरेंद्र मिश्र और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अंबरीश जी की अगुवाई में होने वाले सम्मेलन में ढाई हजार से ज्यादा कार्यकर्ता शिरकत करेंगे। विहिप के प्रांत संगठन मंत्री मुकेश जी के मुताबिक सम्मेलन में राम मंदिर के अलावा धर्मांतरण मुद्दे पर भी चर्चा होगी। सम्मेलन दिन में एक बजे शुरू होगा।