महाकुंभ में एक थाली, एक थैला अभियान से रोजाना 3.5 करोड़ की हुई बचत
प्रतिनिधि सभा की बैठक में प्रयागराज महाकुंभ की भी चर्चा हुई। प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. एमजे त्रिपाठी ने बताया कि महाकुंभ के दौरान एक थाली, एक थैला अभियान से प्रदूषण मुक्त मेला क्षेत्र बनाने से रोजाना 3.5 करोड़ की बचत की बात बैठक में बताई गई। इसके अतिरिक्त नेत्र कुंभ, बौद्ध लामा संतों, वंचित वर्ग से जुड़े संतों, घुमंतू जाति के संतों, नेपाल, भूटान व श्रीलंका से आए श्रद्धालुओं ने संघ के सहयोग से महाकुंभ में स्नान किया।
प्रांत प्रचारक रमेश ने बताया गया कि महाकुंभ में स्नानार्थियों की सेवा के लिए कुल 9,745 स्वयंसेवकों लगाए गए थे। प्रयाग विभाग के 1465 कार्यकर्ता 50 दिन तक मेले में लगे रहे। 2500 स्वयंसेवक देश के विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं को मार्ग बताने के लिए तीन दिन तक सेवा में डटे रहे।