तीर्थराज प्रयाग में अब आप केबल कार से संगम दर्शन का लुत्फ उठा सकेंगे। श्रद्धालुओं-पर्यटकों को अब रोपवे यानी केबल कार से सैर कराने की योजना तैयार कर ली गई है। देश-दुनिया के सैलानियों को रोपवे का तोहफा दिलाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इसके लिए झूंसी से अरैल के बीच तीन रोपवे स्टेशन बनाए जाएंगे। इस योजना पर 50 करोड़ रुपये से अधिक खर्च आने का अनुमान है।
कुंभ के बाद विश्व पर्यटन के मानचित्र पर उभरे संगम के दर्शन के लिए पर्यटन विभाग पीपीपी मॉडल पर श्रद्धालुओं-पर्यटकों के लिए केबल कार की सुविधा देगा। योगी सरकार की पहल पर संगमनगरी में पहली बार रोपवे की योजना को साकार करने की पहल हुई है। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद पर्यटन विभाग ने इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए कदम बढ़ा दिया है। फिलहाल झूंसी में उल्टा किला केपास और और अरैल में त्रिवेणी पुष्प परिसर में रोपवे स्टेशन बनाने के लिए भूमि मिल गई है।
एक और स्टेशन सोमेश्वर महादेव केपास बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए भूमि की तलाश तेज कर दी गई है। पर्यटन विभाग की इस महात्वाकांक्षी योजना के तहत केबल कार से एक बार में 20-25 सैलानी संगम दर्शन कर सकेंगे। इन स्टेशनों से महज-10 से 15 मिनट के भीतर पर्यटक संगम दर्शन कर सकेंगे। पीपीपी मॉडल पर तैयार होने वाली इस योजना के संचालन के लिए मशहूर रोपवे संचालक कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सरकार इसके लिए भूमि उपलब्ध कराएगी। बाकी काम ठेका लेने वाली कंपनी को करना होगा। किराया निर्धारण और केबल कार के संचालन की भी व्यवस्था कंपनी के जिम्मे ही होगी।
दिनेश कुमार, उप निदेशक पर्यटन, प्रयागराज ने बताया कि, चुनाव आचार संहिता खत्म होने के साथ ही रोपवे की योजना पर कदम बढ़ा दिया गया है। संगम दर्शन को आकर्षित करने के लिए यह योजना वरदान साबित होगी। इससे तीर्थनगरी में धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।