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...अब हरपाल का दूसरा पैर भी काटने की तैयारी

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दुनका। हादसे में घायल होकर एक पैर गंवा चुके थाना शाही के गांव आनंदपुर के हरपाल वाल्मीकि पुत्र रामपाल का आयुष्मान कार्ड चालू हुआ तो लंबे इंतजार के बाद उसका मुफ्त इलाज बरेली के सिद्धिविनायक अस्पताल में शुरू हो गया है। अस्पताल के डाक्टरों ने सेप्टिक फैलने पर दूसरे पैर का भी ऑपरेशन कर कटवा देने की सलाह देने के साथ ही शुक्रवार को तैयारी भी शुरू कर दी। परिवार में कमाने वाला हरपाल ही है, लिहाजा आर्थिक तंगी के कारण बच्चों का पेट पालना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बीमार बच्चों को अस्पताल में बूढ़ी दादी के पास छोड़कर पत्नी रुपयों का इंतजाम करने एक रिश्तेदार के पास रुद्रपुर (उत्तरांचल) गई है।
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गांव आनंदपुर के 32 वर्षीय हरपाल वाल्मीकि पुत्र रामपाल 11 अप्रैल 19 की रात 9.30 बजे खाना खाकर रोड किनारे टहलते वक्त तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की चपेट में आकर गंभीर घायल हो गए थे। भोजीपुरा के एक अस्पताल में आठ दिन तक महंगा इलाज चला। डाक्टरों ने दाहिने पैर में सेप्टिक फैलने की बात कहते हुए उसे काट दिया था। नाते-रिश्तेदारों से जुटाए दो लाख रुपये इलाज में फुंक गए तो अस्पताल का भारी भरकम खर्चा न झेल पाने पर घर वाले हरपाल को डिस्चार्ज कराकर बरेली के कई अस्पतालों में ले गए। आयुष्मान कार्ड दिखाकर मुफ्त इलाज की गुहार भी लगाई, लेकिन आयुष्मान कार्ड चालू न होने की बात कहते हुए सबने मुफ्त इलाज से इनकार कर दिया। इस बीच सेप्टिक दूसरे जख्मी पैर में भी खतरनाक हद तक फैल चुकी थी। 15 मई 19 को खबर ‘अमर उजाला’ में प्रमुखता से छपी तो महीने भर बाद प्रशासन हरकत में आया था। उधर, सिद्धिविनायक के डॉ. बृजेश्वर सिंह ने बताया कि हरपाल के दूसरे पैर में भी सेप्टिक हो चुका है। इसलिए उसका दूसरा पैर भी घुटने के ऊपर से काटने को ऑपरेशन किया जाना है। उसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। हरपाल का इलाज आयुष्मान कार्ड से किया जा रहा है। उसके कार्ड में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। हरपाल के पैर का यह ऑपरेशन डॉ. विपुल की देखरेख में किया जाएगा। वहीं हरपाल की मां फूलमती ने सरकार से आर्थिक या नौकरी की मदद की मांग की है।
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