महाकुंभ में संगमनगरी में हेलि संगम दर्शन योजना की शुरुआत होगी। इसके लिए यमुना तट पर हेलिपोर्ट से संगम के ऊपर हेलिकॉप्टर उड़ान भरेंगे। यमुना तट पर बोट क्लब के पास हेलिपोर्ट तैयार है। इसके अलावा झूंसी और अरैल में दो स्थायी हेलिपोर्ट भी बनाए जाएंगे। योजना का संचालन पीपीपी मॉडल पर होगा। संगम के पास बनने वाला यह प्रदेश का पहला हेलिपोर्ट होगा।
हेलिपोर्ट पर तीन हेलिकॉप्टरों की एक साथ लैंडिंग हो सकेगी और साथ में उड़ान भर सकेंगे। यहां से श्रद्धालु संगम के अलावा अक्षयवट, सरस्वती कूप और समुद्र कूप का हवाई दर्शन कर सकेंगे। हेलिपोर्ट पर वेटिंग हॉल, टिकट विंडो और फायर टेंडर की सुविधा होगी। इसके लिए एंबुलेंस भी तैनात की जाएगी। पर्यटन विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कराया है।
देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को संगम की हवाई सैर कराने के लिए हेलि दर्शन योजना महाकुंभ से पहले शुरू कराने की तैयारी है। इसके लिए झूंसी थाने के पीछे आवास विकास की जमीन पर और अरैल में त्रिवेणी पुष्प के पास अस्थायी हेलिपोर्ट बनाया जाएगा। इससे पहले 2019 के कुंभ में भी सरकार ने यह योजना बनाई थी। इस पर पांच करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया था। निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को गई थी, लेकिन तब मामला अधर में चला गया था।