प्रयागराज। आने वाले दिनों में बालू के दाम में कमी की उम्मीद है। लंबे समय से बंद 19 घाटों पर बालू खनन की प्रक्रिया शुरू करने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके अलावा एक लाख घन मीटर से अधिक सीज बालू की नीलामी भी होने जा रही है। इसके बाद बाजार में बालू की कमी दूर होगी।
अवैध खनन की शिकायतों के बाद करीब 10 महीने से बालू खनन पर रोक लगी है। सिर्फ एक घाट से बालू की अनुमति है। एनजीटी ने नए सिरे से सर्वे कराके बालू खनन वाले घाटों को चिह्नित करने का आदेश दिया था। यह प्रक्रिया पिछले वर्ष मई में ही पूरी हो जानी थी लेकिन, अलग-अलग कारणों से सर्वें का काम ही महीनों लटका रहा और बालू खनन का काम बंद है। इसकी वजह से बालू का संकट खड़ा हो गया है। साथ ही अवैध खनन की शिकायतें भी बढ़ गई हैं। हालांकि, शासन की सख्ती के बाद सर्वे के काम में तेजी लाई गई। पहले चरण में बालू खनन के लिए 19 घाट चिह्नित किए गए हैं। वरिष्ठ खान अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि इन घाटों के आवंटन की प्रक्रिया इसी महीने शुरू होगी। विभाग की ओर से प्रशासन की मदद से चले अभियान के तहत चार स्थानों पर डंप बालू सीज की गई है। इसकी मात्रा एक लाख घन मीटर से अधिक है। वरिष्ठ खान अधिकारी ने बताया कि सीज बालू की इसी सप्ताह नीलामी होगी।
बारा में पत्थर खनन का भी एक पट्टा जारी
पत्थर खनन के लिए पट्टा आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। पहला पट्टा मंगलवार को जारी हो गया। नई व्यवस्था के तहत पट्टा आवंटन ई-टेंडरिंग के तहत होगा। इसलिए पूर्व में हुए सभी आवंटन महीनाें पहले निरस्त कर दिए गए थे। इस तरह से लंबे अंतराल के बाद पहला पट्टा जारी किया गया।