जिला न्यायालय ने हिंदू देवी देवताओं पर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर यूट्यूब पर वीडियो अपलोड करने और राष्ट्रीय लोक व्यवस्था और हिंदुओं की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के मामले में आरोपी सना उर्फ हीर खान की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
यह आदेश जिला जज विनोद कुमार तृतीय ने डीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरी को सुन कर दिया है। घटना 24 अगस्त 2020 थाना खुल्दाबाद की है। वादी पुलिस उप निरीक्षक प्रभात कुमार सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अभियुक्त सना उर्फ हीर खान ने यूट्यूब पर एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाई थी।
जिससे दो समुदायों में धार्मिक उन्माद फैलाने, राष्ट्रीय भावना भड़काने, लोक व्यवस्था को छिन्न-भिन्न करने वाला और राष्ट्रहित के विरुद्ध पाया गया। अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्त के मोबाइल से निकाले गए अकाउंट मैसेज भी बरामद किए गए और यह कहा गया कि इस अभियुक्त ने पाकिस्तान के नादिर जावेद से फोन पर संपर्क था और यह मंसूर अली पार्क में एनआरसी और सीएए के विरोध में चल रहे प्रदर्शन में भी गई थी जहां मंच से भाषण भी दिया था। अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।