देवोत्थान एकादशी पर भगवान शालिग्राम संग तुलसी परिणयसूत्र में बंधी। घर-मंदिर में लोग उत्सव में डूबे। शाहगंज स्थित श्रीआनंद बिहारी राधाकृष्ण मंदिर से तुलसी शालिग्राम विवाह शोभायात्रा धूमधाम से निकली। शाहगंज चौराहा, जानसेनगंज, हीवेट रोड, अजंता चौराहा, घंटाघर, फलमंडी, कोतवाली, ठठेरी बाजार, सब्जीमंडी होते हुए मंदिर परिसर पहुंचकर पूरी हुई। रात में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शालिग्राम और तुलसी के विवाह की लीला हुई।
बीते पांच दशकों से आयोजित शोभायात्रा में फूलों से सजी बग्धी पर तुलसी संग भगवान शालिग्राम विराजे। यात्रा में आगे-आगे गणपति केप्रतीक स्वरूप हाथी तो पीछे-पीछे ढोल ताशा, बैंड बाजा, डीजे संग श्रद्धालु चले। यात्रा की शुरुआत से पहले बारात की सभी रस्में पूरी की गईं। पुजारी दिगंबर त्रिपाठी ने सपत्नीक भगवान शालिग्राम और तुलसी का पूजन करने संग आरती उतारी। शोभायात्रा के दौरान रास्ते में आतिशबाजी भी होती रही। रास्ते में भगवान के रथ को जगगह-जगह रोककर श्रद्धालुओं ने फूल बरसाए, आरती उतारी।
यात्रा में जय शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओंकार नाथ त्रिपाठी, पूर्व उप महापौर लल्लूलाल कुशवाहा, वरिष्ठ अधिवक्ता बेनीमाधव पांडेय, वीरेन्द्र कुमार पांडेय विनय, मोहनजी टंडन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ, लक्ष्मी कांत मिश्रा, गौरीशंकर. काजल, जूही जायसवाल, सीताराम चौरसिया, राजीव कृष्ण श्रीवास्तव, आफताब अहमद आदि शामिल थे। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी मौजूद थे।
मालवीय नगर से भी निकली बारात
प्रयागराज। मालवीय नगर स्थित बाबा ताराराम पीली संगत में भी सोमवार को तुलसी-शालिग्राम विवाह हुआ। तुलसी विवाह महोत्सव समिति की ओर से आयोजक पंडित संतोष कुमार मिश्र की देखरेख में बारात निकाली गई, वापसी पर विवाह की लीला हुई। कार्यक्र म में सुशील कुमार यादव, विजय वैश्य, सुशील शुक्ला, भोले गुरु, सुशीलजी पुरवार, धर्मेंद्र केसरवानी, लल्लू गुरु आदि मौजूद थे। मंगलवार को खिचड़ी होगी।