जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड व विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान लापरवाही के मामलों में बड़ी कार्रवाई की। फैमिली आईडी के कार्य में लापरवाही बरतने पर उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) का वेतन रोके जाने के दिए निर्देश दिए हैं।
डीएम ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर सी व डी रैकिंग वाले 11 विभागों के संबंधित अधिकारियों का वेतन रोके जाने के दिए निर्देश भी दिए। साथ ही आईजीआरएस पोर्टल पर 50 फीसदी से अधिक निगेटिव फीडबैक वाले विभागों के संबंधित अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस जारी किया। मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अपूर्ण आवासों की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर नाराजगी जताई और अपेक्षित सुधार लाए जाने के दिए निर्देश दिए।
बैठक में डीएम मनीष कुमार वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र लाभार्थिंयों को लाभांवित कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन एवं निर्माणकार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं होगी। कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए।
डीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए पीएम सूर्यघर योजना में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित किये जाने के निर्देश संंबंधित विभाग को दिए। मुख्यमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए सीएम डैशबोर्ड पर डी रैकिंग प्राप्त होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी बीडीओ को अपूर्ण आवासों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए प्रत्येक की प्रगति रिपोर्ट देने के लिए कहा।
जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए जनपद की रैकिंग खराब होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने एडीएम सिटी से कहा कि जिन विभागों में निगेटिव फीडबैक की संख्या ज्यादा है, उन विभागों के आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए अपर नगर मजिस्ट्रेटों को नामित करें। उन्होंने समय सीमा के बाद निस्तारित किए गए 62 प्रकरणों एवं निगेटिव फीडबैक की अत्यधिक संख्या होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं से शीर्ष स्तर पर वार्ता कर प्रकरणों को निस्तारित करने के निर्देश दिए।
ए या ए प्लस श्रेणी में न आने पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने योजनाओं में निम्न श्रेणी का प्रदर्शन होने के कारणों की जानकारी ली और सभी को चेतावनी देते हुए कहा कि श्रेणी में सुधार लाते हुए अगले माह उन्हें ए प्लस अथवा ए श्रेणी में लाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। बैठक मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूजा मिश्रा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर सत्यम मिश्र, अपर जिलाधिकारी नजूल संजय पांडेय आदि मौजूद रहे।