सार
प्रांगण में जुटे सभी 13 अखाड़ों के संतों ने श्रीचंद्र भगवान की पूजा की। भगवान का फूलों से भव्य शृंगार किया गया। सुबह आठ बजे से ही अखंड पाठ, रामचरितमानस का पाठ शुरू किया गया। अखाड़े के महंत महेश्वरदास ने श्रीचंद्र भगवान के बारे में जानकारी दी।
उदासीन अखाड़े में भगवान श्रीचंद की जयंती मनाई गई।
- फोटो : अमर उजाला।
महाकुंभ-2025 का सफल आयोजन के लिए कृष्णा नगर, कीडगंज स्थित श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन में संतों ने श्रीचंद्र भगवान से आशीष मांगा। बृहस्पतिवार को अखाड़े के इष्ट देव श्रीचंद्र भगवान की 530वीं जयंती पर इष्ट देव का विशेष पूजा-अर्चना की गई।
प्रांगण में जुटे सभी 13 अखाड़ों के संतों ने श्रीचंद्र भगवान की पूजा की। भगवान का फूलों से भव्य शृंगार किया गया। सुबह आठ बजे से ही अखंड पाठ, रामचरितमानस का पाठ शुरू किया गया। अखाड़े के महंत महेश्वरदास ने श्रीचंद्र भगवान के बारे में जानकारी दी।
महंत दुर्गादास ने कहा कि हम संतों की कामना है कि प्रयागराज की धरती पर लगने वाला महाकुंभ मेला सकुशल संपन्न हो। महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत यमुनापुरी ने कहा कि सभी अखाड़े के संत श्रीचंद्र भगवान से राष्ट्र की एकता के लिए कामना करते हैं। अखाड़े के सचिव व्यास मुनि ने अखाड़े की परंपरा के बारे में जानकारी साझा की। अखाड़े में देर शाम तक भंडारा भी चला। इसमें प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए। इस अवसर पर महंत अद्यैतानंद, निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत ओंकार गिरि, कोठारी शिवानंद, हंसमुनि, मुकामी बंशीदास मौजूद रहे।
फर्जी संतों पर लगाम लगाएंगे मेला प्रशासन
श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन में जुटे संतों ने महाकुंभ मेले से जुड़ी गतिविधियों पर भी चर्चा की। संतों ने महाकुंभ के दौरान आने वाले फर्जी संतों पर नकेल कसे जाने की बात कही। तय किया गया कि इस बारे में मेला प्रशासन से बात की जाएगी। महंत यमुनापुरी ने कहा कि फर्जी संतों पर रोक हर हाल में लगनी ही चाहिए।