पीलीभीत में एनकाउंटर के बाद मामला सामने आया
बता दें कि सोमवार को यूपी के पीलीभीत जिले में तीन खालिस्तानी आतंकवादियों वीरेंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह और जसनप्रीत सिंह के एनकाउंटर के बाद पन्नू ने अमेरिका से वीडियो जारी कर कहा कि वह इस घटना का बदला महाकुंभ में लेगा। उसने इस आयोजन को ‘हिंदुओं का आखिरी महाकुंभ’ बनाने और तीन शाही स्नानों (14 जनवरी को मकर संक्रांति, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या और 3 फरवरी को अंतिम शाही स्नान) को निशाना बनाने की धमकी दी थी। जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। यूपी पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां चप्पे-चप्पे की निगरानी कर रही हैं। ड्रोन और फेस रिकग्निशन कैमरों जैसी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
महाकुंभ में सात स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी
महाकुंभ मेले में सुरक्षा के सात स्तरीय इंतजाम किए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र में ड्रोन तैनात होंगे, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। संवेदनशील इलाकों और प्रवेश द्वारों पर फेस रिकग्निशन तकनीक से लैस कैमरे लगाए गए हैं। संभावित साइबर हमलों को रोकने के लिए एक विशेष साइबर यूनिट काम कर रही है। एनएसजी और एटीएस की विशेष टीमें तैनात रहेंगी। जल, थल और वायु सुरक्षा में नदियों में गश्त के लिए स्पेशल बोट और वायुसेना के हेलिकॉप्टरों को तैनात किया गया है। महाकुंभ में आने वाले विदेशी मेहमानों के लिए भी खास इंतजाम हैं।