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Prayagraj : खलासी को बनाया खजांची तो खाली होने लगा खजाना, जलकल विभाग में 73.61 लाख के गबन का मामला

Sun, 01 Feb 2026 04:53 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

जल कल विभाग के करीब 73.61 लाख रुपये गबन का आरोपी सौरभ निषाद पंप रूम के खलासी पद पर तैनात था। करीब एक साल तक वह कर जमा करने वाले काउंटर पर करता रहा। इसी दौरान उसने सरकारी कोष में हेराफेरी कर दी।
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money - फोटो : amar ujala
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जल कल विभाग के करीब 73.61 लाख रुपये गबन का आरोपी सौरभ निषाद पंप रूम के खलासी पद पर तैनात था। करीब एक साल तक वह कर जमा करने वाले काउंटर पर करता रहा। इसी दौरान उसने सरकारी कोष में हेराफेरी कर दी।

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प्रथम दृष्टया जब गबन की बात सामने आई तो जुलाई 2025 में खलासी सौरभ को निलंबित करते हुए जांच बैठा दी गई। इतना ही नहीं, जांच में अधिष्ठान प्रभारी प्रथम श्रेणी लिपिक अजय कुमार, सौरभ के चाचा व पंप रूप खलासी रतन कुमार उर्फ जीत लाल, जोन तीन, चार, सात व आठ के द्वितीय श्रेणी लिपिक रवि सिंह व जोन वन के द्वितीय श्रेणी लिपिक शुभम आनंद की भूमिका संदिग्ध पाई। इसका जिक्र पुलिस को दी गई तहरीर में किया गया है।

विदित हो कि दारागंज निवासी सौरभ निषाद को बिल में मिले रुपयों को विभागीय कोष बैंक खातों में जमा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जांच में पता चला कि दो जुलाई 2024 से नौ जनवरी 2025 तक काउंटर पर उपभोक्तओं ने कुल 1,38,03,954 रुपये बिल जमा किए। आरोप है कि जमा हुए बिल में से सिर्फ 64,42,907 रुपये विभागीय कोष बैंक खातों में जमा कराया गया। जबकि 73,61,047 रुपये बैंक में जमा नहीं किए गए। जिसके बाद जलकल महाप्रबंधक ने तत्काल प्रभाव से सौरभ को निलंबित कर जोन एक अधिशाषी अभियंता संजीव कुमार को जांच की जिम्मेदारी दी थी।

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आरोपी ने जांच में नहीं किया सहयोग
मामले में अधिशासी अभियंता (जोन वन, जलकल विभाग) संजीव कुमार ने बताया कि जांच में सौरभ की तरफ से किसी अन्य का नाम नहीं लिया गया। इसके अलावा छह महीने चली जांच में कर्मचारी सौरभ की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिला। जांच में आरोप साबित होने के बाद विभाग की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई गई है।

जोन तीन व चार के अधिक कर चोरी
विभागीय जांच में सामने आया है कि जोन तीन व चार से अधिक कर का गबन किया गया है। कुल 878 घरों के बिल से गायब हुए 73.61 लाख रुपये में करीब 40 फीसदी जलकर बड़े जोन का गायब हुआ है।

गबन हुए जलकर की वसूली विभाग की तरफ से की जाएगी। फिलहाल, मामला अब पुलिस में है। विभाग में कर्मचारियों की कमी है। इसके अलावा खलासी सौरभ पढ़ा-लिखा नियमित कर्मचारी है, जिसके देखते हुए उसे यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। - कुमार गौरव, महाप्रबंधक, जलकल विभाग।
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